Tuesday, July 21

वेनेजुएला के तेल पर चीन का कब्जा बिगड़ा, अमेरिका ने ट्रंप के फैसले से खेल बदल दिया

 

 

दक्षिण अमेरिका के देश वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है। करीब 303 अरब डॉलर मूल्य के तेल के भंडार वाले इस देश पर चीन ने पहले बड़े पैमाने पर प्रभाव बनाया था। चीन ने वेनेजुएला को कर्ज के जाल में फंसा रखा था और उसका भुगतान कच्चे तेल के माध्यम से किया जाता था।

 

हालांकि, अमेरिका ने हाल में वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया और कुछ तेल की बिक्री भी की। इस कदम ने चीन के लिए रणनीतिक खेल बिगाड़ दिया। इससे पहले वेनेजुएला का तेल सबसे ज्यादा चीन को जाता था।

 

वेनेजुएला हाल के वर्षों में चीन का सबसे बड़ा रणनीतिक साझेदार बन गया था। अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग के अनुसार, दोनों देशों के बीच ऊर्जा, वित्त, सैन्य और अंतरिक्ष सहयोग गहरा था। 2023 में इसे ऑल वेदर स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा भी दिया गया था।

 

कितना है कर्ज?

‘AidData’ के अनुसार, 2000 से 2018 के बीच चीन ने वेनेजुएला को लगभग 106 अरब डॉलर का कर्ज दिया था। 2017 में चीन का बकाया कर्ज लगभग 44 अरब डॉलर था। फिलहाल अलग-अलग रिपोर्ट्स में बकाया कर्ज 10 से 15 अरब डॉलर के बीच बताया गया है।

 

कैसे होता था कर्ज चुकाने का खेल?

PDVSA के सूत्रों के अनुसार, चीन ने 2019 में वेनेजुएला को कर्ज चुकाने के लिए मोहलत दी थी। इसके बदले में वेनेजुएला रोजाना लगभग 6.42 लाख बैरल तेल भेजता था। इसमें से एक हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल होता था। अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद चीन और रूस ही वेनेजुएला के मुख्य सहयोगी बने रहे।

 

अमेरिका की इस चाल ने वेनेजुएला में चीन के प्रभाव को कम कर दिया है और तेल की नई बिक्री से अमेरिका को रणनीतिक और आर्थिक लाभ मिल रहा है।

 

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