Tuesday, July 21

भारत बनेगा दुनिया की हथियार फैक्ट्री? इजरायल और अमेरिका ने किया बड़ा ऐलान

तेलअवीव/वॉशिंगटन: वैश्विक तनाव के बीच भारत हथियार निर्माण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छूने जा रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू ने ऐलान किया है कि इजरायल भारत और जर्मनी के साथ मिलकर हथियारों का संयुक्‍त निर्माण करेगा। वहीं अमेरिका ने भी भारत भेजा अपना कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, जो हथियार निर्माण और रक्षा तकनीक साझा करने पर चर्चा करेगा।

नेतन्‍याहू ने बताया कि भारत और जर्मनी में हथियार निर्माण करने से इजरायल को अमेरिकी सैन्य सहायता पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और भविष्य में गोला-बारूद की आपूर्ति तेज़ और निर्बाध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि गाजा में उनके सैनिकों को वह गोला-बारूद नहीं मिला जिसकी उन्हें आवश्यकता थी, और कई देशों ने हथियार सप्लाई पर प्रतिबंध लगाया था। नेतन्‍याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि अब ऐसी परिस्थितियाँ दोबारा नहीं आने दी जाएँगी।

भारत के साथ रक्षा सहयोग की नींव पहले से मजबूत है। गाजा युद्ध के दौरान भारत ने इजरायल को गोला-बारूद और अडानी कंपनी द्वारा निर्मित किलर हर्मेस 900 ड्रोन उपलब्ध कराए थे। यह ड्रोन इजरायली कंपनी इल्बिट के साथ मिलकर भारत में तैयार किया जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि decades पुरानी यह रणनीतिक दोस्ती अब हथियारों के क्षेत्र में और मजबूत होने जा रही है।

इसी बीच, अमेरिकी कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी भारत में है। अमेरिकी प्रतिनिधियों का उद्देश्य भारत के साथ रक्षा तकनीक साझा करना, संयुक्‍त विकास और हथियार निर्माण के अवसरों को बढ़ावा देना है। अमेरिकी दूतावास ने कहा कि यह कदम भारत के रक्षा आधुनिकीकरण को तेज़ करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इजरायल और अमेरिका के साथ यह सहयोग भारत को वैश्विक हथियार उत्पादन और तकनीकी आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बना सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जल्द ही इजरायल दौरे पर जाने वाले हैं, जिससे भारत और इजरायल के बीच रक्षा साझेदारी और गहरी होने की संभावना है।

 

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