Tuesday, July 21

डीप टेक, AI और कोऑपरेटिव्स: स्टार्टअप की परिभाषा बढ़ने की संभावना, बजट में हो सकता है ऐलान

 

नई दिल्ली: सरकार इस बार के आम बजट में स्टार्टअप्स की परिभाषा का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य डीप टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में इनोवेशन को बढ़ावा देना और रोजगार के अधिक अवसर पैदा करना है।

 

अभी देश में लगभग 2 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं। वर्तमान में, DPIIT (डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड) केवल उन्हीं इकाइयों को स्टार्टअप मानता है, जो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पार्टनरशिप फर्म या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप के रूप में पंजीकृत हों। इसके अलावा, उनकी स्थापना को 10 साल से अधिक न हुआ हो और पिछले वित्त वर्ष में टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से कम होना चाहिए।

 

सरकारी अधिकारी का कहना है कि परिभाषा में बदलाव से न केवल डीप टेक और AI में काम करने वाले स्टार्टअप्स को लाभ मिलेगा, बल्कि कोऑपरेटिव्स जैसी अन्य संरचनाओं को भी स्टार्टअप के दायरे में शामिल किया जा सकेगा। इससे कंपनियों को रिस्क लेने और नए आइडिया विकसित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि AI और डीप टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारतीय फाउंडर्स तेजी से अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं। Composio, Meetstream.ai, Smallest.ai, Beatoven.ai और GetCrux जैसे कई AI स्टार्टअप्स पहले ही अमेरिका शिफ्ट हो चुके हैं। इसका मुख्य कारण अमेरिका में ग्राहकों, निवेशकों और एडवांस AI टेक्नोलॉजी तक आसान पहुंच है।

 

सरकार का यह कदम देश में इनोवेशन और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.