Tuesday, July 21

भारत-ईयू ट्रेड डील से अमेरिका चिढ़ा, ट्रेजरी सेक्रेटरी बोले- निराशा हुई

 

 

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लगभग 20 साल की बातचीत के बाद हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अमेरिका के लिए नागवार साबित हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को इस समझौते पर आपत्ति जताई और कहा कि यूरोप का यह कदम ‘बहुत निराशाजनक’ है।

 

सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा, “देशों को वही करना चाहिए जो उनके लिए सबसे अच्छा हो, लेकिन यूरोपीय देशों का यह कदम विशेष रूप से यूक्रेन युद्ध की परिस्थितियों में निराशाजनक है।” उन्होंने भारत की रूस से तेल खरीद पर भी टिप्पणी की और कहा कि यूरोपीय देशों ने बाद में उसी तेल से बने उत्पाद खरीदे, जिससे वे युद्ध पर खुद के खिलाफ वित्तीय समर्थन दे रहे थे।

 

बेसेंट ने यह भी कहा कि यूरोपीय देश अमेरिका के साथ जुड़ने को तैयार नहीं थे और भारत के साथ समझौता करना चाहते थे। उन्होंने कहा, “जब भी आप किसी यूरोपीय को यूक्रेनी लोगों की मदद की बात करते सुनें, तो ध्यान रखें कि उनके लिए व्यापार अधिक महत्वपूर्ण रहा।”

 

भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह 19वां व्यापार समझौता है और इसे भारतीय अधिकारियों ने ‘सभी समझौतों का बाप’ बताया है। इस डील से 27 देशों वाले EU ब्लॉक में भारत के निर्यात में वृद्धि होने की उम्मीद है और कई घरेलू उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बदल सकती है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, यह डील ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका का हाई टैरिफ, सप्लाई चेन में रुकावट और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां व्यापार पर दबाव डाल रही हैं।

 

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