Tuesday, July 21

लोहित घाटी में ‘युद्ध स्तर’ पर अभियान: जंगल की आग बुझाने उतरे वायुसेना के Mi-17V5 हेलीकॉप्टर

 

 

नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले की लोहित घाटी में फैली भीषण जंगल की आग पर काबू पाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) ने विशेष अभियान चलाया। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक ऊंचाई को देखते हुए वायुसेना ने Mi-17V5 हेलीकॉप्टरों की तैनाती की, जिनके माध्यम से करीब 12,000 लीटर पानी गिराकर आग पर नियंत्रण पाया गया।

 

यह अभियान लगभग 9,500 फीट की ऊंचाई पर अंजाम दिया गया, जहां पतली हिमालयी हवा के कारण उड़ान संचालन बेहद कठिन होता है। वायुसेना अधिकारियों के अनुसार, एक सप्ताह पहले काहो गांव के पास जंगल में आग लगी थी, जिसे अब पूरी तरह बुझा दिया गया है।

 

IAF ने साझा की तस्वीरें और वीडियो

भारतीय वायुसेना ने इस अभियान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए। पोस्ट में वायुसेना ने बताया कि Mi-17V5 हेलीकॉप्टरों द्वारा इतनी ऊंचाई पर सटीक जल-वर्षा करना असाधारण साहस और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है। वायुसेना ने कहा कि यह मिशन जीवन, पर्यावरण और नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

आपदा प्रबंधन में लगातार सक्रिय वायुसेना

लोहित घाटी का यह अभियान वायुसेना द्वारा आपदा प्रबंधन के तहत की जा रही कार्रवाइयों की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार के आपात अनुरोध पर वायुसेना ने बारामती हवाई अड्डे पर विशेष टीम तैनात की थी।

 

एयरफोर्स स्टेशन लोहेगांव से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) कर्मियों की एक टीम आवश्यक तकनीकी उपकरणों के साथ बारामती भेजी गई थी, जहां स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इमरजेंसी ATC सेवाएं शुरू की गईं।

 

बारामती हादसे के बाद त्वरित कार्रवाई

बारामती में हुए हालिया विमान हादसे के बाद वायुसेना की टीम ने सुरक्षित हवाई संचालन सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ATC और मौसम संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराईं। यह तैनाती महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की चार्टर विमान दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु के बाद की गई थी।

 

भारतीय वायुसेना ने स्पष्ट किया कि चाहे प्राकृतिक आपदा हो या आकस्मिक संकट, वह हर परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

 

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