Tuesday, July 21

ईरान पर बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी में ट्रंप? परमाणु ठिकानों पर गुप्त हमले और तख्तापलट की रणनीति पर मंथन

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ बड़ी लेकिन सीमित सैन्य कार्रवाई की तैयारी करने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका पूर्ण पैमाने पर युद्ध छेड़ने के बजाय टारगेटेड मिलिट्री ऑपरेशन के जरिए ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को खत्म करने और वहां सत्ता परिवर्तन की स्थिति पैदा करने पर विचार कर रहा है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन जिन योजनाओं पर विचार कर रहा है, उनमें ईरान के परमाणु ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रियों पर सटीक हवाई हमले, साथ ही अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के गुप्त ऑपरेशन शामिल हैं। इन अभियानों का उद्देश्य ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को पंगु बनाना और वहां के मौजूदा मुल्ला शासन को अस्थिर करना बताया जा रहा है।

गुप्त ऑपरेशन और हाई-रिस्क ग्राउंड मिशन

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज कमांडो को गुप्त रूप से ईरानी जमीन पर उतारने की योजना है, जो सीमित समय में मिशन पूरा कर वापस लौटेंगे। इन ऑपरेशनों के तहत जून 2025 के हमलों में बचे परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट या निष्क्रिय करने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि इन कार्रवाइयों से ईरान में व्यापक राजनीतिक उथल‑पुथल पैदा हो सकती है।

ट्रंप का बयान: बातचीत का दरवाजा खुला

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप सार्वजनिक तौर पर सैन्य कार्रवाई से बचने की बात भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिका ईरान से बातचीत के संपर्क में है। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा,
“मैंने बात की है और आगे भी इसकी योजना बना रहा हूं। हमारे पास एक समूह है जो ईरान नाम की जगह पर जा रहा है, और उम्मीद है कि हमें उसका इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।”

इसके साथ ही ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि ईरान के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है, क्योंकि अमेरिका ने क्षेत्र में बड़ा नौसैनिक बेड़ा तैनात कर दिया है।

ईरान की चेतावनी: हमला हुआ तो निर्णायक जवाब

ईरान ने भी अमेरिकी धमकियों पर कड़ा रुख अपनाया है। तेहरान ने साफ किया है कि अगर अमेरिका ने कोई भी सैन्य कार्रवाई की, तो उसे पूर्ण पैमाने के युद्ध के रूप में देखा जाएगा। ईरानी सेना ने मध्य‑पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है।

एक ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा,
“हम पहले से कहीं ज्यादा तैयार हैं। हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं। किसी भी अमेरिकी कार्रवाई पर हमारी प्रतिक्रिया सीमित नहीं होगी, बल्कि यह तुरंत और निर्णायक होगी।”

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव बढ़ता है, तो इसके असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरा मध्य‑पूर्व क्षेत्र एक बड़े संकट की चपेट में आ सकता है।

 

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