Tuesday, July 21

नीट अभ्यर्थी मौत मामला: परिजन बोले- न्याय की उम्मीद टूट रही, पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप

पटना।
बिहार में नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत के मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। परिजनों ने इसके चलते राज्य गृहमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की मांग की है।

इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित निजी छात्रावास के कमरे में छात्रा बेहोशी की हालत में पाई गई थी। उसे कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न हुआ और इसे छुपाने के लिए पुलिस मामले को आत्महत्या के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

परिजन डीजीपी से मिले, असंतोष जताया

शोकाकुल माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य डीजीपी विनय कुमार से मिलने पटना पहुंचे। मृतक की मां ने कहा, “आज हमें न्याय की उम्मीद टूटती नजर आ रही है। डीजीपी ने कहा कि यह मामला आत्महत्या का है। यदि हम संतुष्ट नहीं हैं, तो हमें गृहमंत्री से मिलने की व्यवस्था कर सकते हैं।”

परिजन और उनके वकील एस. के. पांडेय ने संवाददाताओं से कहा कि फोरेंसिक जांच में छात्रा के अंतर्वस्त्र पर वीर्य के धब्बे पाए गए हैं, लेकिन पुलिस इसे नजरअंदाज कर रही है। पांडेय ने कहा, “अब हमें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा, क्योंकि पुलिस हमें न्याय नहीं दे पा रही है। हमारी एकमात्र मांग न्याय है।”

पुलिस ने की फोरेंसिक जांच, डीएनए मिलान जारी

पुलिस ने बताया कि छात्रा के कपड़ों पर पाए गए वीर्य के अंशों के आधार पर डीएनए प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। इसका मिलान संदिग्धों के डीएनए प्रोफाइल से किया जाएगा। मामले की जांच के तहत कई लोगों के डीएनए नमूने भी एकत्र किए जा रहे हैं।

मृतका के मामा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अलग बुलाकर भी वही बात दोहराई जो डीजीपी ने माता-पिता से कही थी। उन्होंने कहा कि “पुलिस हमें इस हद तक मजबूर कर रही है कि आत्मदाह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।”

हालांकि, पुलिस ने शोकाकुल परिजनों के बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। डीजीपी इस मामले पर अब तक अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं।

 

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