Tuesday, July 21

बिहार के पांच मुख्यमंत्री जिनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा: कोई 5 दिन का तो कोई 99 दिन का, नीतीश कुमार का भी नाम शामिल

पटना (बिहार)
बिहार की राजनीति हमेशा से ही गठबंधन, सत्ता और कुर्सी के खेल के लिए जानी जाती रही है। इस खेल में कई बार सरकारें टूटती रही हैं और ऐसे में राज्य को कई मुख्यमंत्री मिले जिनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा। इनमें पांच मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिन्होंने सत्ता में बहुत ही कम समय बिताया।

 

1. सतीश प्रसाद सिंह – सिर्फ 5 दिन का सीएम

बिहार के पहले ओबीसी मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड रखते हैं। 28 जनवरी 1968 को उन्होंने पद संभाला और 1 फरवरी 1968 को ही सरकार गिर गई। उनका कार्यकाल मात्र 5 दिन का रहा।

 

2. बीपी मंडल – 30 दिन का कार्यकाल

बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल, जिन्हें मंडल आयोग के अध्यक्ष के रूप में जाना जाता है, 1 फरवरी 1968 को मुख्यमंत्री बने। उनकी सरकार केवल 30 दिन चली और 2 मार्च 1968 को गिर गई।

 

3. भोला पासवान शास्त्री – 99 दिन और 12 दिन

बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री दो बार कम समय तक मुख्यमंत्री रहे। पहली बार 1968 में वे केवल 99 दिन तक, और दूसरी बार 1969 में 12 दिन तक ही सत्ता में बने रहे।

 

4. जगन्नाथ मिश्रा – 94 दिन का कार्यकाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. जगन्नाथ मिश्रा 6 दिसंबर 1989 को मुख्यमंत्री बने, लेकिन 10 मार्च 1990 को सरकार गिर गई। उनका कार्यकाल 94 दिन का रहा।

 

5. नीतीश कुमार – 7 दिन में गिर गई सरकार

समता पार्टी के नेता नीतीश कुमार, जिन्हें ‘सुशासन बाबू’ कहा जाता है, का भी एक छोटा कार्यकाल दर्ज है। 3 मार्च 2000 को शपथ लेने के बाद, बहुमत साबित न कर पाने के कारण केवल 7 दिन में 10 मार्च 2000 को उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

 

निष्कर्ष:
बिहार की राजनीति में कभी-कभी सत्ता और गठबंधन का खेल इतने तेज चलता है कि मुख्यमंत्री गिने-चुने ही दिनों के लिए सत्ता में बने रह पाते हैं। इन पांच नेताओं की लिस्ट इस बात का जीता-जागता प्रमाण है।

 

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