Tuesday, July 21

बांदा जेल से रवि काना की रिहाई पर कोर्ट नाराज, जेल अधीक्षक सस्पेंड

बांदा: नोएडा के सेक्टर 63 थाना क्षेत्र में जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के मुकदमे में बी वॉरंट जारी होने के बावजूद गैंगस्टर रवि काना को बांदा जेल से रिहा करने पर गौतमबुद्ध नगर की सीजेएम अदालत ने जेल प्रशासन पर कड़ा ऐतराज जताया है। अदालत ने जेल अधीक्षक केपी यादव से सवाल किया कि अगर आरोपी की जेल कस्टडी में छूट हुई तो उनके खिलाफ क्यों मुकदमा नहीं होगा। इस विवाद के बाद जेल अधीक्षक केपी यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। डीजी जेल पीसी मीणा ने मामले की जांच के लिए डीआईजी जेल प्रयागराज को जिम्मा सौंपा है।

जानकारी के अनुसार, रवि काना बांदा की जेल में बंद था। 29 जनवरी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उसे अदालत में पेश किया गया, जहां रिमांड से जुड़ी सुनवाई हुई। इसके बावजूद उसी दिन शाम को उसे जेल से रिहा कर दिया गया।

जेल प्रशासन का कहना है कि रवि काना के खिलाफ अन्य मामलों में पहले ही रिहाई आदेश प्राप्त थे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग पेशी के बाद न तो अभिरक्षा वारंट मिला और न ही अग्रिम पेशी तिथि की सूचना दी गई। इसी आधार पर उसे जेल से रिहा कर दिया गया।

हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि जब जेल प्रशासन को पहले से जानकारी थी कि आरोपी बी वॉरंट पर है, तब भी उसे रिहा करना न्यायिक आदेशों की अवहेलना है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जेल अधीक्षक से तीन प्रमुख बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा है। इस पूरे मामले की जिम्मेदारी डीआईजी और डीजी जेल को सौंपी गई है।

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.