Tuesday, July 21

अमेरिका में 12 साल नौकरी के बाद भी मन नहीं लगा, भारतीय वर्कर ने लौटकर बताया क्यों किया भारत वापसी का फैसला

नई दिल्ली: बहुत से भारतीय सोचते हैं कि अमेरिका में नौकरी मिलने पर उनकी जिंदगी बेहतर और आसान हो जाएगी। सैलरी और वर्क-लाइफ बैलेंस के कारण यह एक बड़ा आकर्षण भी है। लेकिन कई बार सबकुछ होने के बावजूद मन नहीं लगता और वीजा या इमिग्रेशन संबंधी परेशानियों की वजह से लोग वापस लौट आते हैं। ऐसा ही अनुभव एक भारतीय वर्कर ने साझा किया।

भारत लौटने का सबसे कठिन फैसला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर भारतीय वर्कर ने लिखा कि उन्होंने पिछले साल भारत लौटना सबसे कठिन फैसलों में से एक माना। कारण था बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल, जो स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि भारत लौटने के बाद उन्हें घर का बना खाना, परिवार के साथ रहना और मानसिक शांति मिली।

वीजा और इमिग्रेशन की चिंता नहीं
वर्कर ने कहा, “पीछे मुड़कर देखें तो मैं खुश हूं कि वापस आया। अब मुझे इमिग्रेशन, वीजा स्टैम्पिंग या नागरिकता खोने की चिंता नहीं है। माता-पिता मेरी नजदीक हैं और इमरजेंसी में तुरंत मदद कर सकता हूं।” भारत लौटने के बाद उसे रिमोट जॉब भी मिल गई और उसकी सेविंग्स की वजह से वह कभी भी नौकरी छोड़ सकता है।

अमेरिका की यादें और लगाव
हालांकि, वर्कर ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका की यादें अभी भी उसके साथ हैं। उन्होंने बताया कि कैलिफोर्निया में बिताए 12 सालों के दौरान उन्होंने बेहतरीन जीवन जिया, और वहां के सोशल सिक्योरिटी नंबर, बैंक अकाउंट और आईडी अभी भी उनके पास हैं। उनका कहना है कि “मुझे पता है कि मैं वापस नहीं जा सकता, लेकिन वहां का लगाव और अनुभव हमेशा याद रहेगा।”

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कहानी दिखाती है कि विदेश में काम और पढ़ाई करने के फायदे के बावजूद परिवार और मानसिक संतुलन का महत्व हमेशा सबसे ऊपर रहता है।

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