Tuesday, July 21

HAL कर्मियों के ‘बोनस लालच’ पर रिटायर्ड एयर मार्शल का चौंकाने वाला दावा

नई दिल्ली: हाल ही में केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.84 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाने के बीच रिटायर्ड एयर मार्शल दीप्तेंदु चौधरी का एक वीडियो सुर्खियों में है। इस वीडियो में उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के कर्मचारियों को लेकर हैरतअंगेज़ दावा किया कि कुछ कर्मचारी साल के आखिर में बोनस पाने के लिए प्रोडक्शन में जानबूझकर देरी करते थे।

वीडियो मेजर दिग्विजय सिंह रावत ने साझा किया। उन्होंने लिखा, “HAL में कर्मचारी प्रोडक्शन में देरी कर रहे थे ताकि उन्हें साल के आखिर में बोनस मिल सके। यह बिल्कुल अविश्वसनीय है कि बोनस के लालच में राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। जब हमारे सिस्टम में ऐसे लोग मौजूद हैं, तो बाहरी दुश्मनों की क्या जरूरत है।”

रिटायर्ड एयर मार्शल दीप्तेंदु चौधरी भारतीय वायु सेना के सम्मानित अधिकारी हैं। अपने 37 वर्षों से अधिक के सेवा काल में उन्होंने मिग-21, मिग-27, मिग-29 और सुखोई-30 जैसे कई लड़ाकू विमानों में 5000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव प्राप्त किया। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), वायु सेना मेडल (VM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया गया है।

मेज़र दिग्विजय सिंह रावत, जो कीर्ति चक्र विजेता हैं, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के धूमाकोट क्षेत्र से हैं। उन्होंने मणिपुर में विद्रोही समूहों के खिलाफ अभियान चलाते हुए कई उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और खुफिया जानकारी के आधार पर महत्वपूर्ण ऑपरेशन संपन्न किए।

रक्षा बजट और HAL की इस गंभीर स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वीडियो न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

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