Tuesday, July 21

एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया बने ईस्टर्न एयर कमांड के नए प्रमुख

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना में एक और महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने ईस्टर्न एयर कमांड (Eastern Air Command) का एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाल लिया है। यह बदलाव एयर मार्शल सूरत सिंह के 31 जनवरी को रिटायर होने के बाद हुआ, जिन्होंने 39 साल लंबी सेवा के बाद अपना योगदान पूरा किया।

कौन हैं एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया?
एयर मार्शल वालिया ने 1988 में नेशनल डिफेंस एकेडमी से भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट के रूप में अपना करियर शुरू किया। उनके पास 3,200 घंटे से अधिक का फ्लाइंग अनुभव है और उन्होंने MiG-21, MiG-23, MiG-27, Jaguar और Su-30 MKI के सभी वर्जन जैसे कई फाइटर एयरक्राफ्ट उड़ाए हैं।

अनुभव और जिम्मेदारियां
एयर मार्शल वालिया ने न केवल फ्लाइंग, बल्कि कमांड और स्टाफ रोल में भी अपनी विशेषज्ञता दिखाई है। उन्होंने MiG-27 स्क्वाड्रन का नेतृत्व किया, TACDE (टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट) की कमान संभाली और एयर स्ट्राइक लीडर के रूप में प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा, वह इंस्ट्रूमेंट रेटिंग इंस्ट्रक्टर और एग्जामिनर भी रहे हैं।

उनके स्टाफ रोल में डायरेक्टोरेट ऑफ एयर स्टाफ इंस्पेक्शन में एयर कमोडोर, हेडक्वार्टर वेस्टर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर और हेडक्वार्टर में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने जापान और दक्षिण कोरिया में भारतीय दूतावासों में डिफेंस अटैची के रूप में भी सेवाएं दी हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और विशेषज्ञता
एयर मार्शल वालिया ने यूके में एडवांस कमांड एंड स्टाफ कोर्स और बांग्लादेश के नेशनल डिफेंस कॉलेज में हायर डिफेंस प्लानिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनके व्यापक अनुभव और रणनीतिक नेतृत्व की वजह से ईस्टर्न एयर कमांड अब और भी मजबूत और तैयार है।

इस नियुक्ति के साथ भारतीय वायु सेना के ईस्टर्न एयर कमांड को एक अनुभवी और दक्ष नेतृत्व मिला है, जो भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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