Tuesday, July 21

फरवरी में आसमान में रोमांचक नजारा: ग्रहों की परेड और ‘रिंग ऑफ फायर’ सूर्यग्रहण

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए फरवरी का महीना इस साल बेहद खास होने वाला है। इस महीने न केवल हमारे सौरमंडल में ग्रहों की अद्भुत परेड नजर आएगी, बल्कि खगोलविदों के लिए साल का पहला सूर्यग्रहण भी एक रोमांचक दृश्य लेकर आएगा।

17 फरवरी को अमावस्या के दिन चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरेगा, जिससे वलयाकार सूर्यग्रहण (Annular Solar Eclipse) लगेगा। इस बार चंद्रमा पृथ्वी से अपने सबसे दूर के बिंदु पर होगा, इसलिए सूर्य की पूरी डिस्क ढकी नहीं होगी और सूर्य का बाहरी हिस्सा रिंग ऑफ फायर की तरह चमक उठेगा। नेशनल जियोग्राफिक की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रहण के चरम समय में चंद्रमा सूर्य के 92% हिस्से को ढकेगा और यह दृश्य करीब 2 मिनट 19 सेकंड तक दिखाई देगा। हालांकि, इस सूर्यग्रहण को भारत से देखना संभव नहीं है; यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका से दिखाई देगा, जबकि दक्षिण अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका में आंशिक रूप से दिखाई देगा।

फरवरी का अंत भी खगोलविदों के लिए किसी उपहार से कम नहीं होगा। 28 फरवरी की रात को हमारे सौर मंडल के छह ग्रहों की परेड दिखाई देगी। सूर्यास्त के बाद शाम के आसमान में बृहस्पति, यूरेनस, नेपच्यून, बुध, शनि और शुक्र एक लाइन में चमकेंगे। यह शानदार नजारा भारत सहित अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में भी देखा जा सकेगा।

बुध, शुक्र, शनि और बृहस्पति को बिना दूरबीन के भी देखा जा सकता है, जबकि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन की आवश्यकता होगी। खगोलविदों का कहना है कि इसे देखने के लिए आसमान साफ होना बेहद जरूरी है।

इस महीने की ये दो खगोलीय घटनाएं न केवल वैज्ञानिकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि आम लोगों के लिए भी आकाश की अद्भुत सैर का मौका प्रदान करेंगी।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.