Tuesday, July 21

नार्वे के शीर्ष राजनयिक की भारत विरोधी टिप्पणी, एपस्टीन फाइल में खुलासा

वॉशिंगटन: नार्वे के वरिष्ठ राजनयिक टेर्जे रॉड-लार्सन का नाम अमेरिकी दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी हाल ही में जारी फाइलों में सामने आया है। इन फाइलों में लार्सन की भारतीयों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी का खुलासा हुआ है।

फाइलों के अनुसार, लार्सन ने 25 दिसंबर 2025 को एपस्टीन को भेजे एक ईमेल में लिखा था:
“क्या आपने यह कहावत सुनी है: जब किसी भारतीय और सांप से सामना हो, तो भारतीय को पहले मार दो।”

यह टिप्पणी तब सामने आई जब एपस्टीन ने लार्सन को एक भारतीय राजनेता का ईमेल फॉरवर्ड किया था। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नार्वे के वरिष्ठ राजनयिक की जमकर आलोचना की। कई यूजर्स ने इसे घटिया और नस्लभेदी टिप्पणी करार दिया।

टेर्जे रॉड-लार्सन कौन हैं?
रॉड-लार्सन नार्वे के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ हैं और उन्होंने नार्वे में मंत्री के रूप में भी कार्य किया है। उन्हें 1990 में इजरायल और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) के बीच ओस्लो शांति समझौते में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। 2004 से 2020 तक वे न्यूयॉर्क स्थित इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) के प्रेसिडेंट रहे।

साल 2020 में यह खुलासा हुआ कि IPI ने एपस्टीन से जुड़े संगठनों से चंदा लिया था। इसके बाद लार्सन पद से इस्तीफा दे चुके हैं। इसके अलावा, रिपोर्टों में कहा गया कि लार्सन ने एपस्टीन से व्यक्तिगत रूप से भी ऋण लिया था।

जेफरी एपस्टीन कौन था?
जेफरी एपस्टीन एक अमीर फाइनेंसर थे, जिनके हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय संबंध थे। 2005 में एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद उनकी जांच शुरू हुई। 2008 में उन्होंने यौन अपराध की मान्यता दी, लेकिन केवल 18 महीने की सजा भुगती। 2019 में उन्हें सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया, और अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की संघीय जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया।

यह खुलासा वैश्विक राजनयिक और सामाजिक मंचों पर नई बहस को जन्म दे रहा है, विशेषकर भारत विरोधी टिप्पणियों को लेकर।

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