Tuesday, July 21

बलूचों के हमले से थर्राया चीन, ग्वादर पोर्ट पर CPEC का काम रोका, पाकिस्तानी सेना ने की 20 ड्रोन हमलों की कार्रवाई

इस्लामाबाद: बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के समन्वित हमलों ने ग्वादर पोर्ट और क्षेत्रीय सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों से चीन ने अपने सभी जमीनी ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए और अपने कर्मचारियों को वापस बुला लिया। पाकिस्तान की सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत नोशकी के किल्ली जमालदीनी में कम से कम 20 ड्रोन हमले किए, जिनमें कई नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की मौत की खबर है।

चीन ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षित किया
सीएनएन न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपने सभी जमीनी स्टाफ को बलूचिस्तान से निकाल लिया है। हालांकि पाकिस्तानी सपोर्ट स्टाफ चीन के फंड वाले प्रोजेक्ट्स पर जमीनी स्तर पर काम जारी रखेगा, लेकिन चीनी टीमें दूर से स्थिति पर नजर रख रही हैं। चीन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल सुरक्षा आकलन के लिए है और इसका मतलब CPEC परियोजनाओं से पीछे हटना नहीं है।

BLA के हमले का पैमाना
रिपोर्ट के अनुसार, बलूच लिबरेशन आर्मी ने ग्वादर और बलूचिस्तान के कम से कम 12 शहरों में एक साथ हमला किया। इस हमले में 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा किया गया है। हमले इतने समन्वित और खतरनाक थे कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत विकास परियोजनाओं में शामिल विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गईं।

पाकिस्तानी सेना की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान की सेना ने बौखलाहट में ड्रोन हमलों की श्रृंखला शुरू की। नोशकी के अलग-अलग हिस्सों में किए गए इन हमलों में आम नागरिकों के घरों को भी निशाना बनाया गया। यह कदम पाकिस्तानी सेना के लिए बड़े मानवीय और सुरक्षा संकट का संकेत है।

विशेषज्ञों का विश्लेषण
सीएनएन के शीर्ष सुरक्षा और डिप्लोमेटिक सूत्रों के अनुसार, चीन सुरक्षा उपायों और प्रोटोकॉल की समीक्षा के बाद ही ग्वादर में अपने ऑपरेशन फिर से शुरू करेगा। सूत्रों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और CPEC परियोजनाओं में निवेश की प्रतिबद्धता जारी रहेगी।

नतीजा: बलूचिस्तान में BLA के हमले ने न केवल पाकिस्तान बल्कि चीन की सुरक्षा रणनीति और CPEC परियोजनाओं की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं

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