Tuesday, July 21

बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन की हुंकार, कहा– ‘गर्दन कटा सकते हैं, पर पेड़ नहीं कटने देंगे’

पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी की कटाई के खिलाफ बीकानेर में आज एक ऐतिहासिक महापड़ाव शुरू हुआ। राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी को सोलर कंपनियों की कुल्हाड़ी से बचाने के लिए हुए इस आंदोलन में हजारों लोग शामिल हुए। आंदोलन की गूंज शहर में इतनी व्यापक रही कि बाजार पूरी तरह बंद रहे और स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित करनी पड़ी।

अधिकारियों और नेताओं की उपस्थिति ने इस महापड़ाव को और बल दिया। आंदोलन में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, विधायक अभिमन्यु पूनिया, पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी और पूर्व विधायक महेंद्र बिश्नोई सहित कई दिग्गज नेता पहुंचे। महेंद्र बिश्नोई ने कहा, “हमने सलमान खान को नानी याद दिला दी थी, तो पेड़ों की कटाई करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ा कानून और सख्त सजा की जरूरत है।”

अभियान में केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी हजारों लोग, खासकर महिलाएं, शामिल हुईं। पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में एक लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियां अपने प्रोजेक्ट्स के लिए रात के अंधेरे में खेजड़ी के पेड़ों को काटकर जमीन में गाड़ देती हैं। पिछले एक महीने से कलेक्ट्रेट और करणीसर भाटियान में अनिश्चितकालीन धरना जारी है, जहां कई महिलाओं की तबीयत भी बिगड़ चुकी है, लेकिन उनका हौसला अभी भी बुलंद है।

एक आंदोलनकारी ने जोरदार स्वर में कहा, “गर्दन कटा सकते हैं, लेकिन खेजड़ी के पेड़ नहीं कटने देंगे।”

बीकानेर की यह धरती आज खेजड़ी के लिए लड़ने वाले वीरों की गवाही बनी है, जो पर्यावरण और पारंपरिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं।

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