Tuesday, July 21

अंता उपचुनाव हार पर मोरपाल सुमन का आरोप: ओम बिरला और विधायकों पर ‘भीतरघात’, भाजपा ने थमाया नोटिस

बारां: राजस्थान की सियासत में अंता उपचुनाव के नतीजों के बाद सनसनी फैल गई है। बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन ने अपनी हार के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और जिले के तीन विधायकों पर सीधे आरोप लगाए हैं। हार के तीन दिन बाद प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर मोरपाल को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है, जिसमें तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

चिट्ठी में विस्फोटक आरोप
मोरपाल सुमन ने अपने पत्र में दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की टीम ने उनके खिलाफ काम किया और भारी-भरकम राशि के जरिए कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की जीत सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि मंत्री हीरालाल नागर के सहयोगी ने मतदाताओं में धन वितरण कर कांग्रेस के पक्ष में वोट डलवाए।

‘मंत्री न बन जाऊं, इसलिए अपनों ने हराया’
मोरपाल ने बीजेपी के तीन विधायकों – प्रताप सिंह सिंघवी, ललित मीणा और राधेश्याम बैरवा पर भी हमला बोला। पत्र में उल्लेख है कि क्षेत्र में चर्चा थी कि जीतने पर मोरपाल मंत्री बनेंगे। इसी डर से इन विधायकों ने उन्हें हराने की योजना बनाई। इसके अलावा, उन्होंने हार के लिए पार्टी के उन दावेदारों को भी जिम्मेदार ठहराया जो टिकट कटने से नाराज थे।

भाजपा आलाकमान की सख्ती
मोरपाल का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होते ही भाजपा आलाकमान हरकत में आ गया। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे घोर अनुशासनहीनता करार दिया और नोटिस में स्पष्ट लिखा कि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अंता सीट का राजनीतिक परिदृश्य
अंता की यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समर्थक कंवरलाल मीणा की विधायकी जाने के बाद खाली हुई थी। 2023 में बीजेपी ने यहां जीत दर्ज की थी, लेकिन उपचुनाव में कांग्रेस के दिग्गज प्रमोद जैन भाया ने बाजी मारी। मोरपाल के आरोपों ने अब पार्टी के भीतर की गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है।

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