Tuesday, July 21

सहकारिता विभाग में बड़ा एक्शन: महोबा और देवरिया के चार अधिकारी निलंबित

अनियमितताओं और लापरवाही पर योगी सरकार का सख्त कदम, मंत्री जेपीएस राठौर बोले— ‘किसी को बख्शा नहीं जाएगा’

लखनऊ: प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने वाली योगी सरकार ने सहकारिता विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए महोबा और देवरिया के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को सहकारी तंत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

किसानों व जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर हुई कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों से किसानों और जनप्रतिनिधियों की तरफ से अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर—

  • विनय कुमार तिवारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, महोबा
  • रज्जन लाल, जिला प्रबंधक, पीसीएफ महोबा
  • रमेश त्रिपाठी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, देवरिया
  • वीरेंद्र यादव, जिला प्रबंधक, पीसीएफ देवरिया

—को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संस्थित की गई है।

‘किसानों के हितों से समझौता नहीं’ — मंत्री राठौर

सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और आम जनता के हितों के विपरीत कार्य करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शने वाली नहीं है।

उन्होंने कहा—

“जीरो टॉलरेंस नीति से किसी को भी छूट नहीं है। जहां भी भ्रष्टाचार या अनियमितता मिलेगी, तत्काल सख्त कदम उठाया जाएगा।”

राठौर ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से उचित मूल्य पर, बिना बाधा और पूरी पारदर्शिता के साथ उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

उर्वरक वितरण में पारदर्शिता पर सरकार का जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सहकारिता विभाग लगातार उर्वरक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.