Tuesday, July 21

दिल्ली में नाबालिग अपराधियों का कहर, इन इलाकों में जाएँ संभलकर

नई दिल्ली: दिल्ली के कुछ इलाकों में नाबालिग अपराधियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाल ही में ईस्ट दिल्ली के आचार्य निकेतन मार्केट में तीन नाबालिगों ने एक डिलीवरी बॉय की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी नाबालिगों और मृतक के बीच पुरानी रंजिश थी। मृतक ने एक नाबालिग की बहन को परेशान किया था, जिससे विवाद और बढ़ गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तीनों नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया और हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया।

ईस्ट दिल्ली में यह पहली घटना नहीं है। जनवरी 2026 में हुए तीन मर्डर में कुल 13 नाबालिगों की संलिप्तता पाई गई। इसमें एक जुवेनाइल रेप और एक हत्या के प्रयास का मामला भी शामिल है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ईस्ट जिले में 182 मामले ऐसे थे जिनमें नाबालिग लिप्त थे, यानी हर दूसरे दिन कोई न कोई अपराध नाबालिगों द्वारा किया जा रहा है।

पुलिस ने कुछ इलाकों को नाबालिग अपराधियों के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया है। इनमें शामिल हैं:

  • गाजीपुर थाना क्षेत्र की राजवीर कॉलोनी

  • मधु विहार का वेस्ट विनोद नगर

  • पांडव नगर थाना क्षेत्र का गणेश नगर

  • न्यू अशोक नगर का दल्लुपुरा गांव

  • लक्ष्मी नगर क्षेत्र का शकरपुर स्कूल ब्लॉक

  • शकरपुर का विकास मार्ग-गीता कॉलोनी मैन रोड

इन घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और समाजिक संस्थाएँ जुवेनाइल बच्चों के लिए कई जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। ‘बॉयज क्लब’ के माध्यम से नशा जागरूकता, ‘दिशा’, ‘निर्भीक’ और ‘नाजुक’ जैसे कार्यक्रम बच्चों में सही मार्गदर्शन और सामाजिक चेतना पैदा करने के लिए आयोजित किए जाते हैं। बीते साल इन कार्यक्रमों में कुल 13,145 नाबालिगों ने हिस्सा लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध करने वाले नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा जाता है। इसके साथ ही जागरूकता अभियान और खेलकूद गतिविधियों के जरिए उन्हें सही दिशा देने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर नाबालिगों पर निगरानी बढ़ानी होगी, ताकि उनका भविष्य अपराध की राह पर न चले।

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