Tuesday, July 21

विदेशी छात्रों के लिए सबसे किफायती शहर बना दिल्ली, QS रिपोर्ट में दावा

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए किफायती शिक्षा केंद्र के रूप में दिल्ली ने वैश्विक स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। नाइट फ्रैंक, डेलॉयट इंडिया और क्यूएस की संयुक्त रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पढ़ाई और रहने के खर्च के लिहाज से दिल्ली दुनिया का सबसे सस्ता प्रमुख छात्र शहर बनकर उभरा है।

‘इंडियाज 155 मिलियन स्टूडेंट मैंडेट’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक रैंकिंग में मुंबई 11वें और बेंगलुरु 15वें स्थान पर हैं। अध्ययन के लिए तैयार सूची में दुनिया के 150 शहरों का मूल्यांकन किया गया।

छह पैमानों पर हुई तुलना

रिपोर्ट छह प्रमुख श्रेणियों पर आधारित है — पढ़ाई और रहने का खर्च, रोजगार के अवसर, विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता, शहर का आकर्षण, छात्रों की राय और विविधता। इन सभी श्रेणियों को समान महत्व देते हुए रैंकिंग तैयार की गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, किफायती शिक्षा के मामले में भारतीय शहरों को स्पष्ट प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों और उनके परिवारों के लिए कम खर्च सबसे अहम कारक है, और इसी मोर्चे पर भारत के शहर दुनिया के बड़े शिक्षा केंद्रों से बेहतर साबित हो रहे हैं।

फीस और जीवनयापन का खर्च कम

रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शहरों की तुलना में भारत में शिक्षा शुल्क और जीवनयापन का खर्च काफी कम है। इससे छात्रों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना कम लागत में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलता है। साथ ही शिक्षा ऋण पर निर्भरता घटती है और बेहतर रोजगार संभावनाओं के कारण निवेश का लाभ भी मिलता है।

रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि कम खर्च और मजबूत शैक्षणिक ढांचे का संयोजन दिल्ली को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर तेजी से उभरता हुआ केंद्र बना रहा है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.