Tuesday, July 21

पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव में बड़ा बदलाव: तीन बच्चों वाले और अनपढ़ भी बन सकेंगे उम्मीदवार

राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनावों में बड़े बदलाव की तैयारी है। भजनलाल सरकार दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों पर लगी रोक हटाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही अनपढ़ उम्मीदवारों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति मिलेगी। सरकार ने इस संबंध में विधानसभा में लिखित रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

शैक्षणिक योग्यता अब अनिवार्य नहीं
कांग्रेस विधायक पूसाराम गोदारा के सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि नगर निकाय और पंचायत चुनावों के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं होगी। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 21 में उम्मीदवारों की पात्रता से जुड़े प्रावधानों में शैक्षणिक योग्यता शामिल नहीं है और इसे लागू करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।

दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों पर लगी रोक हटाई जा सकती है
सरकार ने यह भी संकेत दिए कि दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने वाला प्रावधान जल्द हटाया जा सकता है। इसके लिए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 24 में संशोधन हेतु विधि विभाग को फाइल भेजी जा चुकी है, जो फिलहाल प्रक्रियाधीन है। संशोधन लागू होने के बाद ऐसे उम्मीदवार भी सरपंच, प्रधान और मेयर जैसे पदों के लिए चुनाव लड़ सकेंगे।

विधानसभा में पहली बार लिखित जवाब
सरकार ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि शैक्षणिक योग्यता को अनिवार्य करने का कोई विचार नहीं है, जबकि दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों के लिए लगी रोक हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बदलाव के बाद स्थानीय शासन और निकायों में चुनाव लड़ने की योग्यता और अधिक समावेशी हो जाएगी।

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