Tuesday, July 21

खेजड़ी आंदोलन: अनशन के चौथे दिन बीकानेर में मंत्री पहुंचे, मंच पर अचेत हुए अनशनकारी

रेगिस्तान के गौरव खेजड़ी को बचाने के लिए बीकानेर में चल रहा ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले चार दिनों से जारी अनशन के दौरान गुरुवार को प्रदेश के कौशल एवं रोजगार मंत्री के.के. बिश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई अनशन स्थल पहुंचे। उनके आगमन से परिसर ‘खेजड़ी बचाओ’ के नारों से गूंज उठा।

मंच पर अफरा-तफरी, दो लोग बेहोश
बिश्नोई धर्मशाला में चल रहे आंदोलन के दौरान अचानक अनशनकारी मुखराम धरणीया और एक महिला प्रदर्शनकारी अचेत होकर गिर पड़े। आनन-फानन में दोनों को मंच के पीछे बनाए गए अस्थायी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बिगड़ती सेहत, पर संकल्प अटूट
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य अधिकारी पुखराज साध ने बताया कि अनशनकारियों की सेहत लगातार गिर रही है। वर्तमान में 18 अनशनकारी अस्थायी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि चार गंभीर मामलों को PBM अस्पताल में भेजा गया। हालांकि शरीर साथ नहीं दे रहा, प्रदर्शनकारियों का संकल्प अडिग है।

पांच राज्यों का मिला समर्थन
2 फरवरी को पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड से शुरू हुआ यह अनशन अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। राजस्थान के साथ ही हरियाणा, पंजाब, गुजरात और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी और महिलाएं बीकानेर पहुंच रही हैं। उनका एक ही संदेश है कि विकास के नाम पर पर्यावरण की आधारशिला खेजड़ी को बलि नहीं दी जानी चाहिए।

मंत्री के आने से आंदोलनकारियों में उम्मीद जगी है कि सरकार जल्द ही ठोस प्रस्ताव पेश करेगी, लेकिन फिलहाल अनशन स्थल पर माहौल भावुक और तनावपूर्ण बना हुआ है।

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