Tuesday, July 21

फाइटर जेट बेचने के लिए चीन का आक्रामक प्रचार, J‑10C और JF‑17 को ‘कॉम्बैट प्रूवन’ बताने की कोशिश

बीजिंग: वैश्विक हथियार बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए चीन ने दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को केंद्र में रखकर नए सिरे से अभियान शुरू किया है। एशिया के प्रतिष्ठित सिंगापुर एयर शो में चीन ने अपने उन्नत लड़ाकू विमानों J‑10C और पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर J‑35A को प्रमुखता से पेश किया। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि बीजिंग अब अपने विमानों को “युद्ध में आजमाया हुआ” बताकर अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

चीन के प्रचार में भारत‑पाकिस्तान के बीच पिछले वर्ष हुए सैन्य तनाव का भी उल्लेख किया जा रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने उस दौरान J‑10C का इस्तेमाल किया था। चीनी मीडिया और रक्षा प्रचार तंत्र इसी दावे को आधार बनाकर विमान की क्षमताओं को बढ़ा‑चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।

सीमित खरीदार, बढ़ती बेचैनी

अपने स्वदेशी J‑10C के लिए चीन को अब तक पाकिस्तान के अलावा कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय ग्राहक नहीं मिला है। हालांकि बीजिंग ने ब्राजील, मिस्र, इंडोनेशिया, कोलंबिया और ईरान जैसे देशों से बातचीत की है, लेकिन सौदे अंतिम रूप नहीं ले सके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी पश्चिमी प्लेटफॉर्म और भरोसे का सवाल चीन की राह में बड़ी बाधा है।

JF‑17 को भी आगे बढ़ा रहा चीन‑पाकिस्तान गठजोड़

चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित JF‑17 फाइटर जेट को भी एयर शो में प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। पाकिस्तान ने पहले इसके युद्ध प्रदर्शन को लेकर बड़े दावे किए थे, जिन्हें स्वतंत्र स्रोतों ने प्रमाणित नहीं किया। इसके बावजूद चीन और पाकिस्तान इस विमान को किफायती विकल्प के रूप में मध्य पूर्व और एशियाई देशों को पेश कर रहे हैं।

तेज डिलीवरी और कम शर्तों का वादा

रक्षा बाजार में अमेरिका और यूरोप से मुकाबले के लिए चीन तेज डिलीवरी, अपेक्षाकृत कम कीमत और कम राजनीतिक शर्तों को अपनी बिक्री रणनीति का हिस्सा बना रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि बीजिंग सैन्य हार्डवेयर के साथ कूटनीतिक प्रभाव भी बढ़ाना चाहता है, इसलिए विमान बिक्री को रणनीतिक उपकरण की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

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