Tuesday, July 21

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार विधानसभा चुनाव रद्द करने वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

पटना: उच्चतम न्यायालय ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाली जन सुराज पार्टी (JSP) की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक दल के कहने पर पूरे राज्य के लिए चुनाव रद्द करने का आदेश जारी नहीं किया जा सकता।

याचिका का आधार:
जन सुराज पार्टी ने दावा किया था कि राज्य सरकार ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये हस्तांतरित किए, जिससे चुनाव आचार संहिता (MCC) का कथित उल्लंघन हुआ। पार्टी ने इसी आधार पर राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश:
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता सी यू सिंह को पटना उच्च न्यायालय का रुख करने की सलाह दी। न्यायालय ने कहा कि यह मामला केवल एक राज्य से संबंधित है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक निर्देश के माध्यम से हल नहीं किया जा सकता।

चुनावी परिणाम और राजनीतिक स्थिति:
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने 35 सीटें हासिल की, जबकि जन सुराज पार्टी का खाता भी नहीं खुल पाया और अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना:
यह योजना राज्य में महिलाओं को स्वरोजगार और लघु व्यवसाय शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपये का प्रारंभिक वित्तीय अनुदान देती है। याचिका में आरोप लगाया गया कि चुनाव से ठीक पहले राज्य ने लगभग 15,600 करोड़ रुपये इस योजना के तहत वितरित किए, जिससे अन्य राजनीतिक दलों को समान अवसर नहीं मिला।

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