Tuesday, July 21

सनी देओल के साथ एक्शन सीक्वेंस में टूट गए हाथ-पैर, बेहजाद खान बोले- “कोई गॉडफादर नहीं है”

मुंबई। गणतंत्र दिवस पर रिलीज हुई बहुचर्चित फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया है। सनी देओल, अहान शेट्टी, वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ स्टारर इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 403 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है। फिल्म में पाकिस्तानी स्काउट बाबर खान के किरदार में नजर आए अभिनेता बेहजाद खान ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में अपनी शूटिंग की चुनौतियों और अनुभव साझा किए।

बेहजाद ने बताया सनी देओल के साथ शूटिंग का अनुभव
बेहजाद ने कहा कि उनका फिल्म में स्क्रीन टाइम लगभग 8-9 मिनट का था, लेकिन यह सेक्वेंस बेहद चुनौतीपूर्ण और शारीरिक रूप से थकाने वाला था। उन्होंने बताया,
“हमने 8-9 दिन में एक्शन, चेज़, जम्प और फायरिंग वाले सीन शूट किए। मेरी एड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया, हाथ और पैर टूटने की नौबत आई। लेकिन यह अनुभव बहुत यादगार रहा।”

उन्होंने कहा कि सनी देओल के साथ काम करना उनके लिए सपनों जैसा था।
“पहले दिन उनसे मिलकर मैं बहुत ओवरव्हेलम्ड था। उन्होंने मुझे कहा कि डरने की जरूरत नहीं, अच्छे से शॉट दो। इस तरह का मोटिवेशन मिला।”

टाइपकास्टिंग और इंडस्ट्री में संघर्ष
बेहजाद ने बताया कि उन्हें अक्सर पाकिस्तानी किरदार ऑफर होते हैं, लेकिन इंडस्ट्री में कोई गॉडफादर नहीं है। उन्होंने कहा,
“आपको खुद ही साबित करना पड़ता है। फाइटर और बॉर्डर 2 जैसे प्रोजेक्ट्स में काम करके मैंने मेकर्स और दर्शकों के सामने अपनी काबिलियत दिखाई।”

सुनहरे मौके और सीख
बेहजाद ने ऋतिक रोशन और केके मेनन के साथ काम करने का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि तीनों ही कलाकार शानदार हैं, लेकिन सनी देओल के साथ बिताया समय सबसे ज्यादा सीखने वाला और प्रेरक रहा।

बेहजाद खान का सफर
गाजीपुर के छोटे शहर जमानिया से आने वाले बेहजाद ने दिल्ली और अलीगढ़ में पढ़ाई और मॉडलिंग के साथ थिएटर में काम करते हुए एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने बताया कि कई ऑडिशन्स और रिजेक्शन्स के बाद ही उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स में मौका मिला।

यादगार एक्शन सीक्वेंस
बॉर्डर 2 के सेट पर बेहजाद ने एक और किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जंगल से बॉर्डर तक क्रॉस करते हुए 10 किलोमीटर का रूट तय करना पड़ा। इतनी मेहनत के बावजूद उन्होंने कहा,
“यह रोल मेरी लाइफ का सबसे फिजिकली चैलेंजिंग रोल था। लेकिन थकान और चोटों के बावजूद यह अनुभव बेहद रोमांचक और यादगार रहा।”

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