Tuesday, July 21

37 साल में पहली बार सेना की बैठक में नहीं पहुंचे ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई

तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने 37 साल में पहली बार ईरानी एयरफोर्स के कमांडरों की वार्षिक बैठक में हिस्सा नहीं लिया। यह बैठक 8 फरवरी को आयोजित की गई थी और इस परंपरा का पालन 1989 से हर साल होता रहा है। खामेनेई का इस कार्यक्रम में गैर-हाजिर रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।

सैनिक सूत्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई का यह कदम संकेत हो सकता है कि ईरान की टॉप लीडरशिप अमेरिकी हमले के संभावित खतरे को लेकर सतर्क है। हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद खामेनेई कथित तौर पर एक गुप्त बंकर में रह रहे हैं। उन्होंने बार-बार चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब पूरे मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष के रूप में सामने आ सकता है।

इस बैठक में खामेनेई की जगह ईरान सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मौसवी ने सीनियर एयरफोर्स अधिकारियों से मुलाकात की। रणनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम घरेलू दर्शकों और विरोधी शक्तियों दोनों के लिए संदेश देने के लिए लिया गया होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की गैर-हाजिरी सिर्फ डर या स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि रणनीतिक सावधानी और पावर स्ट्रक्चर में आंतरिक बहस का संकेत भी हो सकती है। ईरान के नेतृत्व के अंदर यह सवाल उठ रहा है कि अमेरिका के दबाव का सबसे उपयुक्त जवाब क्या होना चाहिए—कूटनीतिक वार्ता या संभावित सैन्य टकराव।

इस रहस्यमय कदम ने वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञों और मध्य पूर्व की राजनीति पर नजर रखने वालों के बीच नई चर्चा शुरू कर दी है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.