Tuesday, July 21

सूरजकुंड मेले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही: झूला बिना एनओसी के चलाया जा रहा था

फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में झूला टूटने के मामले में अब जिला प्रशासन और हरियाणा टूरिजम विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में पता चला है कि झूला बिना प्रशासन की एनओसी के ही संचालित किया जा रहा था।

टूरिजम विभाग की भूमिका पर सवाल
हरियाणा टूरिजम विभाग ने अपने स्तर पर झूला चलाने की अनुमति दी थी। हादसे के बाद विभाग ने इस गलती का पल्ला झूला संचालक वेंडर पर डाल दिया। विभागीय अधिकारी रोजाना झूलों का निरीक्षण करने की बात तो करते रहे, लेकिन कोई कमी पकड़ नहीं पाए।

आरोपियों को अदालत में पेश किया गया
पुलिस ने झूला प्रोपाइरटर मोहम्मद शाकिर और नितेश मित्तल को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया। जिला प्रशासन की एमए ब्रांच ने पुष्टि की कि मेले में झूला चलाने के लिए कोई एनओसी जारी नहीं की गई थी, जबकि इसके लिए 9 सदस्यीय कमिटी बनाना अनिवार्य था।

हादसे वाली जगह को किया गया बंद
झूला गिरने वाली जगह को सोमवार को काले कपड़े से पूरी तरह घेर दिया गया है और अब वहां किसी की एंट्री नहीं है। फूड कोर्ट खुला है, लेकिन झूले के बंद होने से कस्टमर नहीं आ रहे, जिससे स्टॉल संचालक परेशान हैं।

विशेषज्ञ कमिटी के निरीक्षण भी सवालों के घेरे में
इस पूरे मामले में सवाल ये उठते हैं कि जब रोजाना एक्सपर्ट कमिटी झूलों का निरीक्षण कर रही थी, तो इतनी बड़ी कमी क्यों नहीं पकड़ी गई। अब प्रशासन और टूरिजम विभाग दोनों की जवाबदेही तय करने के लिए जांच चल रही है।

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