Tuesday, July 21

दिल्ली के ILBS अस्पताल ने कमाल किया: किडनी ट्रांसप्लांट बिना बेहोश हुए मरीज पर सफल

नई दिल्ली: दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने 42 वर्षीय मरीज की किडनी ट्रांसप्लांट जागरूक अवस्था में सफलतापूर्वक की, यानी मरीज को जनरल एनेस्थीसिया (बेहोशी) नहीं दिया गया।

एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत हुई सर्जरी:
डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत नाभि के नीचे के हिस्से को सुन्न कर सर्जरी की गई। इस तकनीक से सर्जरी अधिक सुरक्षित और जोखिम कम रही।

मरीज की स्थिति:
दिल्ली निवासी मरीज की किडनी कई साल से खराब थी और उसे डायलिसिस पर रखा गया था। इसके साथ ही मरीज को हार्ट और अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं। मरीज की मां ने किडनी दान की।

कम समय में रिकवरी, कम दर्द:
इस तकनीक से मरीज को आईसीयू और अस्पताल में कम समय रहना पड़ा। ERAS (Enhanced Recovery After Surgery) प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मरीज को केवल 3-5 दिनों में छुट्टी दी जा सकती है। सर्जरी के बाद 48 घंटे तक दर्द बेहद कम रहा और मरीज अधिक आरामदायक महसूस कर रहा है।

उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए वरदान:
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, यह तकनीक खासतौर पर उन मरीजों के लिए फायदेमंद है जिन्हें हार्ट, फेफड़े या अन्य गंभीर बीमारियां हैं, जहां जनरल एनेस्थीसिया का जोखिम अधिक होता है। ट्रांसप्लांट किडनी ने तुरंत काम करना शुरू कर दिया।

सर्जरी टीम:
इस सफल ऑपरेशन में डॉ अभियुत्थान, डॉ गौरव सिंधवानी समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल थे।

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