Tuesday, July 21

दिल्ली में गरीबों के लिए बने 48,000 फ्लैट क्यों नहीं मिले? केंद्र सरकार कर सकती है जांच

नई दिल्ली: दिल्ली में पिछली AAP सरकार की ओर से गरीबों के लिए बनाए गए करीब 48,000 फ्लैट अब तक आवंटित नहीं किए जाने के मामले में केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में जांच कराने पर विचार करेगी।

जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन के तहत बनाए गए थे फ्लैट:
मंत्री ने बताया कि ये फ्लैट 2012 में गरीबों के लिए बनाए गए थे और इसमें केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का सहयोग था। उन्होंने कहा, “मैं हैरान हूं कि गरीबों के लिए बनाए गए फ्लैट उन्हें क्यों नहीं दिए गए।”

कुल फ्लैट में से केवल कुछ ही आवंटित:
सदस्य स्वाति मालीवाल के पूरक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि कुल 52,344 फ्लैट में केवल 4,871 फ्लैट गरीबों को आवंटित किए गए। बाकी फ्लैट की स्थिति खराब हो चुकी है और कुछ फ्लैट रहने योग्य नहीं हैं।

AAP पर आरोप:
मालीवाल ने आरोप लगाया कि फ्लैट अच्छे बने, लेकिन योजना में ‘मुख्यमंत्री’ शब्द जोड़ने के लिए ही आवंटन रोका गया। उन्होंने पूछा कि क्या दोषियों को दंडित किया जाएगा और फ्लैट की मरम्मत की जाएगी।

भाजपा सरकार ने शुरू की मरम्मत:
मंत्री खट्टर ने बताया कि दिल्ली की वर्तमान भाजपा सरकार ने इन फ्लैट की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है ताकि इन्हें झुग्गियों में रहने वाले गरीबों को आवंटित किया जा सके। जो फ्लैट रहने योग्य नहीं हैं, उनका निरीक्षण कर उन्हें नवीनीकरण के लिए तोड़ा जाएगा।

मंत्री ने कहा कि सदस्य के सुझाव पर विचार कर दोषियों को दंडित करने पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.