Tuesday, July 21

डोनबास खाली करे यूक्रेन, वरना बलपूर्वक कब्जा करेंगे: पुतिन की खुली चेतावनी, शांति समझौते से इनकार

मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर दो टूक चेतावनी दी है कि यूक्रेन यदि पूर्वी डोनबास क्षेत्र से अपने सैनिकों को नहीं हटाता, तो रूस इस पर ताकत के बूते पूरा कब्जा कर लेगा। पुतिन ने यह बयान इंडिया टुडे को दिए एक साक्षात्कार में भारत रवाना होने से ठीक पहले दिया।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा, “या तो हम इन इलाकों को बलपूर्वक आज़ाद करा लेंगे, या फिर यूक्रेनी सेना डोनबास छोड़ दे।” पुतिन के अनुसार डोनबास का लगभग 85% हिस्सा पहले से ही रूसी नियंत्रण में है।

जेलेंस्की ने चेतावनी को खारिज किया

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट कहा है कि उनका देश अपना कोई भी हिस्सा “रूस को तोहफे में” नहीं देगा। उन्होंने दोहराया कि डोनबास छोड़ना, मॉस्को को उसकी आक्रामकता का इनाम देने के बराबर होगा।

पुतिन का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि मॉस्को में हुई बातचीत के बाद रूस युद्ध समाप्ति की चर्चा के लिए तैयार दिखाई दे रहा है। हालांकि पुतिन ने किसी संभावित समझौते से साफ इनकार करते हुए कहा कि युद्ध खत्म करने का रास्ता डोनबास पर रूसी नियंत्रण की मान्यता से होकर ही गुजरता है।

रूस के कब्जे में यूक्रेन का बड़ा हिस्सा

वर्तमान में रूस यूक्रेन के लगभग 19.2% हिस्से पर कब्जा जमाए हुए है, जिसमें—

  • क्रीमिया (2014 से),
  • पूरा लुहान्स्क,
  • डोनेट्स्क का 80% से अधिक भाग,
  • खेरसॉन और जापोरिज्जिया के करीब 75% इलाके,
  • तथा खार्किव, सुमी, मायकोलाइव, निप्रोपेट्रोव्स्क के कुछ हिस्से शामिल हैं।

डोनेट्स्क का करीब 5000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र अभी भी यूक्रेन के नियंत्रण में है। रूस लगातार अमेरिका से मांग कर रहा है कि शांति वार्ता की शर्तों में डोनबास पर उसकी संप्रभुता को मान्यता दी जाए।

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