Wednesday, July 22

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Gold-Silver Price Today: सुबह-सुबह चांदी- सोना हुए सस्ते, MCX पर चांदी ₹17 हजार और सोना ₹3 हजार लुढ़का
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Gold-Silver Price Today: सुबह-सुबह चांदी- सोना हुए सस्ते, MCX पर चांदी ₹17 हजार और सोना ₹3 हजार लुढ़का

    सोना और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर सुबह-सुबह मार्च डिलीवरी वाली चांदी की कीमत में 17 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट आई। इसके साथ ही चांदी का भाव लगभग ₹3.82 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। वहीं सोना लगभग 3 हजार रुपये लुढ़ककर ₹1.66 लाख प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करने लगा।   शुरुआती कारोबार में गिरावट का कारण: विश्लेषकों का कहना है कि इस सप्ताह की जोरदार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसी तेजी के कारण दोनों धातुएं पहले नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी थीं। शुक्रवार सुबह शुरुआती गिरावट के बाद थोड़ी मजबूती भी दिखी। सुबह करीब 10 बजे चांदी 11,893 रुपये की गिरावट के साथ ₹3,88,000 प्रति किलोग्राम पर थी, जबकि सोना 2,105 रुपये गिरकर ₹1,67,298 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।   अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल: अंतरराष्ट्...
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘हर घर मुकदमेबाजी में फंस सकता है’ – डोमेस्टिक वर्कर्स पर न्यूनतम मजदूरी पर सुनवाई से इनकार
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘हर घर मुकदमेबाजी में फंस सकता है’ – डोमेस्टिक वर्कर्स पर न्यूनतम मजदूरी पर सुनवाई से इनकार

  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करने और उसे लागू करने का आग्रह किया गया था। इस मामले की पीठ का नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने किया।   कोर्ट ने क्या कहा: सीजेआई ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी तय होने पर उल्टा असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि ट्रेड यूनियनें हर घर को मुकदमेबाजी में घसीट सकती हैं। सीजेआई ने टिप्पणी की: "हर घर मुकदमेबाजी में फंस जाएगा। एक बार न्यूनतम मजदूरी लागू हो गई, तो लोग काम पर रखने से कतराएंगे। गन्ना उद्योग की सारी यूनियनें बंद हो गईं। ऐसे ही ये यूनियन हर घर को मुकदमेबाजी में खींच सकती हैं।"   घरेलू कामगारों का शोषण और सुधार: पीठ ने स्वीकार किया कि घरेलू कामगारों का शोषण होता है। लेकिन न्यायपालिका ने कहा कि इस मामले में कानून बनाने का काम विधायिका का...
ना मुंबई, ना बेंगलुरु… दिल्ली एयरपोर्ट को मिला ‘बेस्ट एयरपोर्ट ऑफ द ईयर’, बिहार समेत कई राज्यों को भी अवॉर्ड
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ना मुंबई, ना बेंगलुरु… दिल्ली एयरपोर्ट को मिला ‘बेस्ट एयरपोर्ट ऑफ द ईयर’, बिहार समेत कई राज्यों को भी अवॉर्ड

    हैदराबाद में आयोजित विंग्स इंडिया 2026 में एविएशन सेक्टर के विभिन्न अवॉर्ड्स की घोषणा कर दी गई। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ‘बेस्ट एयरपोर्ट ऑफ द ईयर’ का खिताब मिला। इस अवसर पर नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडु की उपस्थिति में सम्मानित किया गया।   एयरपोर्ट कैटेगिरी के अवॉर्ड्स:   दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट – बेस्ट एयरपोर्ट ऑफ द ईयर केम्पेगौडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बेंगलुरु – 25 मिलियन से अधिक पैसेंजर्स कैटेगरी में बेस्ट एयरपोर्ट पुणे एयरपोर्ट – 10–25 मिलियन पैसेंजर्स प्रति वर्ष (MPPA) कैटेगरी में टॉप लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट – 5–10 MPPA कैटेगरी में बेस्ट एयरपोर्ट वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पोर्ट ब्लेयर – 5 मिलियन पैसेंजर्स से कम वाले एयरपोर्ट्स में बेस्ट ईटानगर के होलांगी एयरपोर्ट – RCS/UDAN स्कीम के तहत बेस्ट एयरपोर्ट   एयरलाइंस और कनेक्टिविटी अवॉर...
सफलता की कहानी: नौकरी छोड़ी, रिश्तेदारों के ताने और ₹50 लाख का जवाब – मीनल ने बदली अपनी तकदीर
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सफलता की कहानी: नौकरी छोड़ी, रिश्तेदारों के ताने और ₹50 लाख का जवाब – मीनल ने बदली अपनी तकदीर

    बेंगलुरु की चार्टर्ड अकाउंटेंट मीनल गोयल ने डेलॉयट और केपीएमजी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों की नौकरी छोड़कर अपना खुद का बिजनेस शुरू किया। शुरुआती छह महीने कठिनाइयों और रिश्तेदारों के जहरीले सवालों के बावजूद मीनल ने हार नहीं मानी। आज उनकी कंपनी 50 लाख रुपये का सालाना रेवेन्यू कमा रही है और यह साबित कर रही है कि खुद का साम्राज्य बाहरी दिखावे से कहीं ज्यादा कीमती होता है।   नौकरी और शुरुआती संघर्ष: मीनल गोयल का करियर कॉर्पोरेट जगत में शानदार चल रहा था। डेलॉयट और केपीएमजी जैसी बड़ी कंपनियों में उनके पद और सैलरी दोनों ही अच्छे थे। लेकिन मीनल कुछ अपना करना चाहती थीं। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपना बिजनेस शुरू किया। शुरुआती छह महीने मुश्किल भरे रहे। व्यवसाय सही दिशा में नहीं चल पा रहा था और उनकी सारी बचत धीरे-धीरे खत्म हो रही थी।   रिश्तेदारों के जहरीले सवाल: एक पार...
Economic Survey 2026: सरकारी कंपनियों की नई परिभाषा, अब सिर्फ 26% हिस्सेदारी होने पर भी कंपनी को माना जा सकता है सरकारी
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Economic Survey 2026: सरकारी कंपनियों की नई परिभाषा, अब सिर्फ 26% हिस्सेदारी होने पर भी कंपनी को माना जा सकता है सरकारी

    सरकार ने आर्थिक समीक्षा 2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की परिभाषा बदलने का सुझाव दिया है। अब 51% की बजाय केवल 26% हिस्सेदारी होने पर भी किसी कंपनी को सरकारी माना जा सकेगा। इसका उद्देश्य उन कंपनियों से बाहर निकलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है, जिनमें सरकार अब निवेश नहीं करना चाहती।   मुख्य बिंदु:   वर्तमान कानून के अनुसार किसी कंपनी को सरकारी कंपनी कहलाने के लिए केंद्र या राज्य सरकार की कम से कम 51% हिस्सेदारी होना जरूरी है। आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन और उनकी टीम ने सुझाव दिया है कि 26% हिस्सेदारी होने पर भी कंपनी सरकारी मानी जा सकती है। इससे सरकार महत्वपूर्ण फैसलों पर प्रभाव बनाए रख सकती है, जबकि दिन-प्रतिदिन के प्रबंधन में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी। यह बदलाव ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के माध्यम से कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने और निजीकरण की ...
चांदी का चौका, 4 दिन में ₹84,500 उछाल के बाद ₹4 लाख के पार, सोना भी रॉकेट की तरह बढ़ा
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चांदी का चौका, 4 दिन में ₹84,500 उछाल के बाद ₹4 लाख के पार, सोना भी रॉकेट की तरह बढ़ा

    दिल्ली के सराफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया। चांदी पहली बार ₹4 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई, जबकि सोने ने भी अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की कमजोरी और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।   चांदी की उछाल: अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, चांदी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी पर रही। गुरुवार को चांदी की कीमत ₹19,500 यानी करीब 5% बढ़कर ₹4,04,500 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। इससे एक दिन पहले बुधवार को चांदी ₹3,85,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। चार सत्रों में चांदी की कीमत इस प्रकार बढ़ी:   | दिन      | बढ़ोतरी (₹) | बंद भाव (₹) | | -------- | ----------- | ----------- | | शुक्रवार | 9,500       | 3,29,500    | ...
बजट 2026: FMCG सेक्टर की उम्मीदें – GST में और कटौती से बढ़ेगी खपत
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बजट 2026: FMCG सेक्टर की उम्मीदें – GST में और कटौती से बढ़ेगी खपत

नई दिल्ली: बजट 2026 के आने में अब केवल दो दिन बचे हैं और देश की फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कंपनियां केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अपने मुद्दों पर ध्यान देने की मांग कर रही हैं। कंपनियों का कहना है कि सरकार को टैक्स में और कटौती करनी चाहिए और आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इससे उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता बढ़ेगी और बाजार में खपत को प्रोत्साहन मिलेगा। कीमतों में उतार-चढ़ाव से राहत की उम्मीद FMCG कंपनियां बजट में ऐसे उपायों की मांग कर रही हैं जो घरेलू उद्योगों को कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचा सकें। कंपनियों को उम्मीद है कि सरकार ऐसी नीतियां बनाएगी जिससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में बेहतर पहुंच मिले और अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में स्थिरता बनी रहे। ग्रामीण और छोटे शहरों में बढ़ती खपत पारले प्रोडक्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट मयं...
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में रामायण का युद्ध कांड, चीन और वैश्विक अनिश्चितता पर चेतावनी
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आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में रामायण का युद्ध कांड, चीन और वैश्विक अनिश्चितता पर चेतावनी

नई दिल्ली: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए रामायण के युद्ध कांड का उल्लेख किया गया है। सर्वेक्षण में बताया गया है कि भारत को अपने विरोधियों से सीख लेने में सक्षम होना चाहिए, लेकिन उन तरीकों और मूल्यों को अपनाने से बचना चाहिए जो स्वायत्तता को कमजोर कर सकते हैं। रामायण में भगवान राम द्वारा पराजित शत्रु से ज्ञान प्राप्त करने की प्रेरणा आज के वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में रणनीतिक विवेक के रूपक के रूप में काम करती है। सर्वेक्षण में चीन के हैनान फ्री ट्रेड पोर्ट (FTP) के शुभारंभ को भी महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव के रूप में देखा गया है। 2025 के अंत तक बीजिंग ने पूरे द्वीप में सीमा शुल्क व्यवस्था लागू कर दी, जिससे यह प्रांत कम-टैरिफ वाला, सर्विस-बेस्ड आर्थिक क्षेत्र बन गया। इससे न केवल चीन के भीतर व्यापार में बदलाव आएगा, बल्कि पूरे एशिया के आर्थिक भू...
Economic Survey 2026: 9.2 करोड़ टैक्सपेयर, 7.4% विकास दर, महंगाई में गिरावट – CEA ने पेश की बड़ी बातें
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Economic Survey 2026: 9.2 करोड़ टैक्सपेयर, 7.4% विकास दर, महंगाई में गिरावट – CEA ने पेश की बड़ी बातें

    नई दिल्ली: गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सर्वे के अहम आंकड़े साझा किए।   CEA ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर है। देश की जीडीपी तेजी से बढ़ रही है, महंगाई में कमी आई है और लोग व कंपनियां अधिक खर्च और निवेश कर रही हैं।   विकास दर:   वास्तविक जीडीपी वृद्धि FY12-FY20 में औसतन 6.4% थी। FY25 में यह बढ़कर 6.5% हुई। FY26 में यह और तेज होकर 7.4% तक पहुंचने का अनुमान है।   CEA ने बताया कि यह तेजी मजबूत घरेलू मांग और निवेश के कारण है। निजी उपभोग व्यय (PFCE) FY12-FY20 में 6.8% था, FY25 में 7.2% और FY26 में 7.0% रहने का अनुमान है। निवेश गतिविधियों में भी वृद्धि हुई है, GFCF FY12-FY20 में 6.3% से बढ़कर FY25 में 7....
Silver Price: चांदी की कीमत के लिए रिपोर्ट ने दी चेतावनी, सट्टेबाजी बनेगी कारण?
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Silver Price: चांदी की कीमत के लिए रिपोर्ट ने दी चेतावनी, सट्टेबाजी बनेगी कारण?

  नई दिल्ली: चांदी की कीमत इस समय असाधारण तेजी से बढ़ रही है। गुरुवार को एमसीएक्स पर चांदी पहली बार प्रति किलो 4 लाख रुपये के पार चली गई। यह उछाल चांदी को 2 लाख रुपये से 4 लाख रुपये तक पहुँचने में मात्र दो महीनों से भी कम समय में आया।   व्हाइटओक म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट “Gold is Talking, Silver is Screaming” में इस तेज़ी को लेकर चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोना और चांदी अलग-अलग संकेत दे रही हैं।   सोना vs चांदी:   सोना: व्यापक आर्थिक तनाव, मुद्रा का कमजोर होना, भू-राजनीतिक जोखिम और वित्तीय अस्थिरता के समय पोर्टफोलियो के लिए बीमा का काम कर रहा है। चांदी: औद्योगिक मांग के साथ-साथ सट्टेबाजी की बढ़ती गतिविधि का संकेत देती है। इसका पैटर्न अब पराबोलिक (Parabolic) हो गया है, जो ऐतिहासिक रूप से अस्थिरता से पहले देखा गया है।   क्या चांदी में गिरावट ...