Wednesday, July 22

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वीर बाल दिवस: 6 और 8 साल के साहसिक बच्चों की शहादत को सलाम
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वीर बाल दिवस: 6 और 8 साल के साहसिक बच्चों की शहादत को सलाम

    हर साल 26 दिसंबर को देशभर में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। यह दिन सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे पुत्रों साहिबजादा बाबा फतेह सिंह और बाबा जोरावर सिंह की असाधारण बहादुरी और शहादत को याद करने के लिए समर्पित है। केवल 6 और 8 साल की उम्र में दोनों बच्चों ने मुगल शासकों की क्रूरता के सामने निडर होकर अपने धर्म और मूल्यों के लिए बलिदान दिया।   वीर बाल दिवस का महत्व   यह दिन साहस, निडरता और सच्चाई के प्रति समर्पण का प्रतीक है। साहिबजादों ने धर्म परिवर्तन के भारी दबाव के बावजूद अपने विश्वास को नहीं छोड़ा और शहादत को चुना। वीर बाल दिवस सभी को मुश्किल हालात में भी सही और नैतिक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।   इतिहास और पृष्ठभूमि   9 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्रों की शहादत की याद में 26 दिसंबर को...
100 से अधिक वर्षों की देशभक्ति की मिसाल: सरताज सिंह परिवार की 5वीं पीढ़ी में बने लेफ्टिनेंट
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100 से अधिक वर्षों की देशभक्ति की मिसाल: सरताज सिंह परिवार की 5वीं पीढ़ी में बने लेफ्टिनेंट

    भारतीय सेना में सेवा का एक गौरवशाली परिवार अपने देशभक्ति और वीरता के लिए सदियों से जाना जाता है। सरताज सिंह के परिवार ने 100 साल से अधिक समय से सेना को जवान दिए हैं और अब पांचवीं पीढ़ी के इस सदस्य ने भी अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया है।   परिवार की वीरता और देशभक्ति   परदादा और पूर्वज: 1897 में 36 सिख रेजिमेंट के सिपाही किरपाल सिंह ने अफगान अभियान में हिस्सा लिया। इसके बाद परदादा सूबेदार अजमेर सिंह ने दूसरे विश्व युद्ध में बीर हकीम की लड़ाई लड़ी और वीरता के लिए ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश इंडिया प्राप्त किया। दादा और चाचा: सरताज के दादा ब्रिगेडियर हरवंत सिंह ने 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में सेवा दी। उनके चाचा, कर्नल हरविंदर पाल सिंह, ने कारगिल युद्ध (सियाचिन) में भी परिवार की परंपरा को निभाया। मातृ पक्ष के अधिका...
BEML में HR की सरकारी नौकरी 2025: ₹1.60 लाख तक सैलरी, 7 जनवरी तक करें अप्लाई
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BEML में HR की सरकारी नौकरी 2025: ₹1.60 लाख तक सैलरी, 7 जनवरी तक करें अप्लाई

    अगर आप HR के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो BEML (भारत सरकार की मल्टी टेक्नोलॉजी कंपनी) ने शानदार अवसर निकाला है। कंपनी में ऑफिसर असिस्टेंट (HR ग्रेड-II) और असिस्टेंट मैनेजर (HR ग्रेड-III) के पदों पर कुल 22 रिक्तियां उपलब्ध हैं।   भर्ती की मुख्य जानकारियां   भर्ती निकाय: BEML (भारत सरकार की कंपनी) पद का नाम: ऑफिसर असिस्टेंट (HR ग्रेड-II), असिस्टेंट मैनेजर (HR ग्रेड-III) पदों की संख्या: 22 आधिकारिक वेबसाइट: bemlindia.in आवेदन की अंतिम तिथि: 7 जनवरी 2026 शाम 6 बजे तक सैलरी: ₹40,000 से ₹1,60,000 प्रति माह उम्र सीमा: ऑफिसर-29 वर्ष, असिस्टेंट मैनेजर-30 वर्ष   योग्यता   किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक + 2 साल का फुल-टाइम MBA (HR/IR), MSW, MA सोशल वर्क (HR/IR), पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री या पर्सनल मैनेजमेंट/इंडस्ट्रियल रिलेशंस में डि...
स्कूली शिक्षा में 2026 से बड़े बदलाव: AI की पढ़ाई, दो बार बोर्ड एग्जाम और फेल छात्रों के लिए नए विकल्प
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स्कूली शिक्षा में 2026 से बड़े बदलाव: AI की पढ़ाई, दो बार बोर्ड एग्जाम और फेल छात्रों के लिए नए विकल्प

    शिक्षा मंत्रालय ने 2026 से स्कूली शिक्षा में कई बड़े बदलावों की शुरुआत कर दी है। इनमें फेल होने वाले छात्रों के लिए नई योजनाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई और बोर्ड एग्जाम में दोबारा अवसर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।   ऑटोमेटेड स्टूडेंट ट्रैकिंग   शिक्षा मंत्रालय ने ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR) आईडी शुरू की है। अब तक लगभग 25 करोड़ छात्रों की आईडी बन चुकी है। इस आईडी के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि 10वीं की परीक्षा देने वाले कितने छात्र 11वीं में दाखिला नहीं ले रहे। फेल स्टूडेंट्स और ड्रॉपआउट छात्रों की पहचान कर उनके लिए ओपन स्कूलिंग व अन्य विकल्प उपलब्ध करवाए जाएंगे।   फेल छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका   2026 से 10वीं में दो बार बोर्ड एग्जाम पॉलिसी लागू की जा रही है। इसका मतलब है कि अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में अच्छा ...
रूस में MBBS करने जा रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ा अलर्ट डिग्री से पहले सुरक्षा पर दें ध्यान, नहीं तो जान पर बन सकती है बात
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रूस में MBBS करने जा रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ा अलर्ट डिग्री से पहले सुरक्षा पर दें ध्यान, नहीं तो जान पर बन सकती है बात

    नई दिल्ली। हर साल लाखों भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई का सपना लेकर विदेशों का रुख करते हैं। सीमित सीटों और महंगी फीस के कारण रूस भारतीय छात्रों के लिए MBBS की पढ़ाई का बड़ा केंद्र बन चुका है। कम फीस और आसान दाखिले की वजह से हजारों छात्र रूस की मेडिकल यूनिवर्सिटियों में पढ़ रहे हैं, लेकिन अब यह सपना कई परिवारों के लिए डरावना बनता जा रहा है।   सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रूस में 30 हजार से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत मेडिकल छात्र हैं। लेकिन हाल के महीनों में सामने आई घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि रूस में पढ़ाई करने से पहले छात्रों को कॉलेज और फीस से ज्यादा अपनी सुरक्षा और कानूनी स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।     पढ़ाई के बहाने बुलाया, फिर सेना में भेजा   रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कई भारतीय छात्रों को जबरन रूसी सेना म...
‘जिंदगी नर्क जैसी हो गई…’ जर्मनी में भारतीय छात्रों के साथ बड़ा धोखा, यूनिवर्सिटी के फ्रॉड से भविष्य अधर में
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‘जिंदगी नर्क जैसी हो गई…’ जर्मनी में भारतीय छात्रों के साथ बड़ा धोखा, यूनिवर्सिटी के फ्रॉड से भविष्य अधर में

  बर्लिन/नई दिल्ली। विदेश में बेहतर भविष्य का सपना लेकर जर्मनी पहुंचे सैकड़ों भारतीय छात्रों की जिंदगी इन दिनों संकट में है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन स्थित इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (IU) में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों पर अब डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। वजह—यूनिवर्सिटी की मान्यता और पढ़ाई के तरीके पर सवाल, जिसने छात्रों की डिग्री ही नहीं, उनका वीजा स्टेटस भी खतरे में डाल दिया है।   एक भारतीय छात्र ने अपनी पीड़ा बयान करते हुए कहा, “मेरी जिंदगी नर्क जैसी लग रही है। पढ़ाई करने आया था, अब जर्मन अधिकारियों के चक्कर काट रहा हूं।”   20 हजार यूरो खर्च, अब डिपोर्टेशन का डर   महाराष्ट्र के रहने वाले 25 वर्षीय दीप शंबरकर जुलाई 2025 में बिजनेस मैनेजमेंट में मास्टर्स करने बर्लिन पहुंचे थे। उन्होंने IU में एडमिशन के लिए करीब 20 हजार यूरो खर्च किए और एजुकेशन लोन भी लिया। अब उन...
विदेश पढ़ाई का बढ़ता क्रेज: चार राज्यों से सबसे ज्यादा छात्र जा रहे परदेस, सरकार की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
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विदेश पढ़ाई का बढ़ता क्रेज: चार राज्यों से सबसे ज्यादा छात्र जा रहे परदेस, सरकार की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

  नई दिल्ली। भारत से विदेश जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है। नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट ‘भारत में उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण’ में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत आज दुनिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत देश बन चुका है। साल 2024 में 13.35 लाख से अधिक भारतीय छात्र विदेशों में पढ़ाई कर रहे थे।   रिपोर्ट बताती है कि भारतीय छात्रों की पहली पसंद अब कनाडा बन गया है, जबकि अमेरिका दूसरे स्थान पर खिसक गया है। इसके पीछे वीजा नीतियां, इमिग्रेशन नियम, पढ़ाई और रहन-सहन की लागत तथा पढ़ाई के बाद नौकरी और पीआर (स्थायी निवास) की संभावनाएं अहम कारण मानी जा रही हैं।   कनाडा बना भारतीय छात्रों की पहली पसंद   आंकड़ों के अनुसार,   2016 में कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 94,240 थी 2024 में यह ...
हरियाणा में 19 दिन बंद रहेंगे स्कूल, 1 जनवरी से शीतकालीन अवकाश घोषित
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हरियाणा में 19 दिन बंद रहेंगे स्कूल, 1 जनवरी से शीतकालीन अवकाश घोषित

  चंडीगढ़। कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश (विंटर वेकेशन) की घोषणा कर दी है। शिक्षा विभाग के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 16 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। स्कूल 16 जनवरी (शुक्रवार) से दोबारा खोले जाएंगे।   यह जानकारी विद्यालय शिक्षा निदेशालय, हरियाणा द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस में दी गई है। विभाग ने सभी स्कूलों से आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है।   दिसंबर में पहले ही मिलेंगी 4 दिन की छुट्टियां   विंटर वेकेशन शुरू होने से पहले ही दिसंबर के आखिरी सप्ताह में स्कूलों में लगातार छुट्टियां रहेंगी।   25 दिसंबर – क्रिसमस 26 दिसंबर – शहीद उधम सिंह जयंती 27 दिसंबर – गुरु गोबिंद सिंह जयंती 28 दिसंबर – रविवार   इन छुट्टियों के कारण विंटर वेकेशन से पहले ही स्कूल चार...
‘Jingle Bells, Jingle Bells…’ दुनिया भर में गूंजने वाली इन लाइनों का क्या है असली मतलब, जानिए दिलचस्प इतिहास ‘Jingle Bells, Jingle Bells…’ दुनिया भर में गूंजने वाली इन लाइनों का क्या है असली मतलब, जानिए दिलचस्प इतिहास
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‘Jingle Bells, Jingle Bells…’ दुनिया भर में गूंजने वाली इन लाइनों का क्या है असली मतलब, जानिए दिलचस्प इतिहास ‘Jingle Bells, Jingle Bells…’ दुनिया भर में गूंजने वाली इन लाइनों का क्या है असली मतलब, जानिए दिलचस्प इतिहास

  नई दिल्ली। क्रिसमस का नाम आते ही जिस गीत की धुन सबसे पहले कानों में गूंजती है, वह है— ‘Jingle Bells, Jingle Bells, Jingle All The Way…’ खुशी, उल्लास और त्योहार की रौनक से भरा यह गीत आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय क्रिसमस सॉन्ग्स में शामिल है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ‘जिंगल बेल्स’ असल में क्रिसमस के लिए लिखा ही नहीं गया था।   क्रिसमस नहीं, थैंक्सगिविंग से जुड़ा है ‘जिंगल बेल्स’   ‘जिंगल बेल्स’ को साल 1857 में अमेरिकी संगीतकार जेम्स लॉर्ड पियरपोंट ने लिखा था। वे अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के मेडफोर्ड शहर से थे। यह गीत उन्होंने थैंक्सगिविंग फेस्टिवल के आसपास होने वाली बर्फीली सड़कों पर घोड़ागाड़ी (Sleigh) की सवारी और शहर में होने वाली वार्षिक स्लेज रेस की यादों से प्रेरित होकर लिखा था।   इस गीत का असली नाम था— ‘One Horse Open Sleigh’ यानि एक घोड़े वाली खु...
H-1B वीजा लॉटरी खत्म: विदेशी वर्कर्स के साथ स्टूडेंट्स पर भी संकट, अमेरिका में जॉब पाना हुआ और मुश्किल
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H-1B वीजा लॉटरी खत्म: विदेशी वर्कर्स के साथ स्टूडेंट्स पर भी संकट, अमेरिका में जॉब पाना हुआ और मुश्किल

  वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे विदेशी वर्कर्स और पढ़ाई कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बड़ी चिंता की खबर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा प्रोग्राम के सेलेक्शन सिस्टम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब तक लॉटरी के जरिए मिलने वाला H-1B वीजा आगे चलकर सैलरी और स्किल के आधार पर दिया जाएगा। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर अमेरिका में पढ़ रहे विदेशी छात्रों, खासकर भारतीय स्टूडेंट्स पर पड़ने की आशंका है।   अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने स्पष्ट किया है कि यूनाइटेड स्टेट्स सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के जरिए H-1B वीजा सेलेक्शन की प्रक्रिया बदली जा रही है। नए नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होंगे।   क्या है H-1B वीजा?   H-1B वीजा अमेरिका में टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, फाइनेंस, एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में विदेशी...