गुजरात से मस्कट तक विश्वास का साम्राज्य
भारत के एकमात्र ‘हिंदू शेख’ की कहानी, जो ओमान के सुल्तान को भी देते थे कर्ज
नई दिल्ली: भारत और ओमान के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सदियों पुराने व्यापार, भरोसे और आपसी सम्मान की मजबूत नींव पर टिके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ओमान दौरे में जब उन्होंने इन ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया, तो उस विरासत की याद ताजा हो गई, जिसे एक भारतीय कारोबारी परिवार ने अपने परिश्रम और ईमानदारी से गढ़ा था।
यह कहानी है खिमजी रामदास ग्रुप के मुखिया रहे कनकसी खेमजी की—जिन्हें ओमान के सुल्तान ने दुनिया के एकमात्र हिंदू शेख की उपाधि दी थी।
144 साल पुरानी विरासत
इस असाधारण यात्रा की शुरुआत 1870 में हुई, जब गुजरात के मांडवी से रामदास ठक्करसे व्यापार के लिए ओमान के मस्कट पहुंचे। उस दौर में मस्कट एक व्यस्त बंदरगाह था। भारत से अनाज, चाय और मसाले जाते थे, जबकि ओमान से खजूर, सूखा...










