Wednesday, July 22

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विपक्षी हंगामे के बीच लोकसभा में पास हुआ ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’
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विपक्षी हंगामे के बीच लोकसभा में पास हुआ ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’

नई दिल्ली, 18 दिसंबर 2025: विपक्षी विरोध के बावजूद गुरुवार को लोकसभा ने ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पारित कर दिया। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में विपक्ष को जमकर सुनाया और कहा कि यह विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महात्मा गांधी के आदर्शों को जीवंत रखते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का प्रयास है। विधेयक पर चर्चा और हंगामाबिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्य जमकर हंगामा करते हुए कागज उछालने और बिल की कॉपी फाड़ने तक पर उतर आए। कांग्रेस ने विधेयक को विभागीय संसदीय समिति में भेजने की मांग की, जिसे आसन ने खारिज कर दिया। इसके बाद सदन ने विपक्षी संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से पास कर दिया। शिवराज सिंह चौहान का तर्कमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना में कई कमियां थीं, जिसमें मजदूरी का पूरा भुगतान नहीं होता था और निर्माण सामग्री पर...
दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: आपसी सहमति से तलाक में 1 साल अलग रहने की शर्त नहीं होगी अनिवार्य
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दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: आपसी सहमति से तलाक में 1 साल अलग रहने की शर्त नहीं होगी अनिवार्य

नई दिल्ली, 18 दिसंबर 2025: दिल्ली हाई कोर्ट ने तलाक के मामलों में एक अहम निर्णय सुनाते हुए कहा है कि अगर पति-पत्नी आपसी सहमति से तलाक लेना चाहते हैं, तो एक साल तक अलग रहने की कानूनी शर्त को माफ किया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी रिश्तों को सुधारा नहीं जा सकता और कानून केवल औपचारिकताओं के लिए बाध्य नहीं कर सकता। कोर्ट का निर्णय और तर्कजस्टिस नवीन चावला, नूप जे भंभानी और रेनू भटनागर की बेंच ने कहा कि शादी वयस्कों के बीच स्वतंत्र सहमति का परिणाम होती है, इसलिए आपसी सहमति से तलाक में रुकावट नहीं डालनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि भावनात्मक तर्क के आधार पर तलाक को रोकना अनावश्यक है, क्योंकि यह पति-पत्नी को विवाह के दलदल में फंसा सकता है। कूलिंग-ऑफ अवधि भी माफ की जा सकती हैबेंच ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13B(2) के तहत यह स्पष्ट किया कि तलाक की आपसी सहमति में छह महीने की कूलिं...
2008 की इंडो-यूएस न्यूक्लियर डील पर कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना, SHANTI विधेयक 2025 को बताया चुनौतीपूर्ण
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2008 की इंडो-यूएस न्यूक्लियर डील पर कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना, SHANTI विधेयक 2025 को बताया चुनौतीपूर्ण

नई दिल्ली, 18 दिसंबर 2025: राज्यसभा में 'परमाणु ऊर्जा रूपांतरण विधेयक' (SHANTI बिल 2025) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सरकार से तीखा सवाल पूछा और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2008 में भारत और अमेरिका के बीच हुए परमाणु करार का सबसे कड़ा विरोध बीजेपी ने किया था। जयराम रमेश ने सदन को बताया, “उस वक्त बीजेपी ने कहा था कि परमाणु ऊर्जा का कोई भविष्य नहीं है, इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है। जबकि इसी करार की बदौलत अमेरिका और भारत के बीच कई द्विपक्षीय मार्ग खुले। आज पेश किए गए 'परमाणु ऊर्जा रूपांतरण विधेयक' भी उसी का परिणाम है।” कांग्रेस ने जताई आलोचनासांसद ने कहा कि नए बिल में मौजूदा कानूनों – एटॉमिक एनर्जी एक्ट, 1962 और सिविल लायबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट, 2010 – को बदलने का प्रस्ताव है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए निजी और विदेशी कंपनियों...
अखबार में प्रकाशन योग्य, सशक्त और प्रभावशाली हिंदी संस्करण दिल्ली पहुंचे भाजपा के नए कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन
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अखबार में प्रकाशन योग्य, सशक्त और प्रभावशाली हिंदी संस्करण दिल्ली पहुंचे भाजपा के नए कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन

अमित शाह की मौजूदगी से भाजपा मुख्यालय में बढ़ी राजनीतिक हलचल, कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को दिल्ली पहुंचे। राजधानी पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, नारों और फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। नितिन नबीन के आगमन से पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भाजपा मुख्यालय पहुंच चुके थे, जिससे पार्टी कार्यालय में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। नितिन नबीन के कुछ ही देर में भाजपा मुख्यालय पहुंचने की संभावना है, जहां बड़ी संख्या में मौजूद पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनका अभिनंदन करेंगे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी को देखते हुए इसे संगठनात्मक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। “यह दायित्व पार्टी का आशीर्वाद है” दिल्ली रवाना होने से पहले पटना में...
संसद में महंगी हो सकती है मशहूर कॉफी वाजपेयी आडवाणी से लेकर मौजूदा सांसदों की पसंदीदा ‘₹5 वाली कॉफी’ के बढ़ सकते हैं दाम
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संसद में महंगी हो सकती है मशहूर कॉफी वाजपेयी आडवाणी से लेकर मौजूदा सांसदों की पसंदीदा ‘₹5 वाली कॉफी’ के बढ़ सकते हैं दाम

नई दिल्ली। संसद भवन की पहचान बन चुकी कॉफी बोर्ड की मशहूर कॉफी अब महंगी हो सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं की पसंदीदा इस कॉफी की कीमत में करीब 10 साल बाद बदलाव की तैयारी है। कॉफी बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक, यदि कीमत बढ़ाई भी जाती है तो यह ₹5 से बढ़कर ₹10 या अधिकतम ₹15 प्रति कप तक ही सीमित रहेगी। खास बात यह है कि संसद में मिलने वाली यह कॉफी स्वाद और गुणवत्ता के मामले में बाजार की ₹50–₹60 की कॉफी को भी पीछे छोड़ देती है। अभी कितने में मिलती है संसद की कॉफी संसद भवन परिसर में कॉमर्स मंत्रालय के अधीन कॉफी बोर्ड द्वारा संचालित यह काउंटर पुरानी संसद के सेंट्रल हॉल के पास स्थित है। फिलहाल यहां बेहद किफायती दरों पर नाश्ता और कॉफी उपलब्ध है— हॉट कॉफी — ₹5 कोल्ड कॉफी — ₹12 टोमेटो सैंडविच...
चीन पर होगी नजर! ग्रेट निकोबार द्वीप पर भारत ने दूसरे हवाई अड्डे का निर्माण शुरू किया
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चीन पर होगी नजर! ग्रेट निकोबार द्वीप पर भारत ने दूसरे हवाई अड्डे का निर्माण शुरू किया

नई दिल्ली। भारत ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्रेट निकोबार द्वीप पर दूसरा हवाई अड्डा बनाने का काम शुरू कर दिया है। यह कदम चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित समुद्री मार्ग की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है। नया हवाई अड्डा न केवल नागरिक उड़ानों के लिए होगा, बल्कि भारतीय नौसेना और वायु सेना के लिए भी डुअल-यूज सुविधा प्रदान करेगा। रणनीतिक महत्व:ग्रेट निकोबार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का हिस्सा है और बंगाल की खाड़ी में स्थित है। यह द्वीप मलक्का जलडमरूमध्य के बेहद करीब है, जो चीन और सुदूर पूर्व के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वर्तमान में द्वीप पर INS Baaz नामक नौसैनिक हवाई अड्डा मौजूद है, जो समुद्री गतिविधियों पर नजर रखता है। नया हवाई अड्डा गैलाथिया खाड़ी में बनाया जा रहा है, जो मलक्का जलडमरूमध्य के और करीब है। प्रोजेक्ट की जानकारी: अनुमानित लागत: ...
तमिलनाडु ISIS केस: एनआईए ने दायर की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, सात आरोपी और एक सोसाइटी पर लगाए आरोप
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तमिलनाडु ISIS केस: एनआईए ने दायर की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, सात आरोपी और एक सोसाइटी पर लगाए आरोप

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तमिलनाडु में ISIS रेडिकलाइजेशन और भर्ती मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में सात आरोपियों और एक रजिस्टर्ड सोसाइटी, कोवई अरबी एजुकेशनल एसोसिएशन (KAEA) के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। मामला अक्टूबर 2022 के कोयंबटूर कार बम विस्फोट की जांच से जुड़ा है। मामले का पूरा विवरण:जांच में सामने आया कि आईएसआईएस से प्रेरित कट्टरपंथी समूह मुफ्त अरबी कक्षाओं के बहाने युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश कर रहा था। ये क्लासें जूम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित की जाती थीं। इस मामले में पहले चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी, जिसमें मद्रास अरबी कॉलेज के प्रिंसिपल जमील बाशा भी शामिल थे। सप्लीमेंट्री चार्जशीट की मुख्य बातें: सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जमील के छात्र और ...
इंडिगो संकट: यात्रियों के हक में कानून जरूरी, DGCA के रिटायर्ड जॉइंट डीजी का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
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इंडिगो संकट: यात्रियों के हक में कानून जरूरी, DGCA के रिटायर्ड जॉइंट डीजी का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस समय अपने सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। नए FDTL नियमों के तहत तैयारी न होने के कारण हजारों यात्री एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे। इस संकट, एयरलाइंस की नीतियों और हवाई किराए में बढ़ोतरी को लेकर DGCA के रिटायर्ड जॉइंट डीजी जे. एस. रावत ने अपने विचार साझा किए। संकट के कारण:रावत ने कहा कि यदि यह संकट ऑपरेशंस से जुड़ा होता तो इसके संकेत पहले दिखते, जैसे पायलट हड़ताल या तकनीकी खराबी। “लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। यह अचानक हुई घटना थी। इंडिगो को एकाधिकार कहना उचित नहीं है, क्योंकि देश में हमेशा नई एयरलाइंस आती और बंद होती रही हैं। आबादी और मांग बढ़ने से इंडिगो का विस्तार हुआ।” नई एयरलाइंस की जरूरत:रावत के अनुसार, देश में और एयरलाइंस की जरूरत है। लेकिन नई कंपनियों को खुद को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना होगा। एयरलाइन व्यवसाय स्थापित करने के लिए पर्...
डिग्री नहीं, अब स्किल की दौड़: 1990 की तरह भारत एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर
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डिग्री नहीं, अब स्किल की दौड़: 1990 की तरह भारत एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर

नई दिल्ली। आज की दुनिया में कंपनियों को डिग्री से ज्यादा स्किल की जरूरत है। डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में काम करने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। मशीनें रोजमर्रा के कई काम कर रही हैं, और इंसानों से उम्मीद है कि वे रचनात्मक सोचें, तेजी से सीखें और नई परिस्थितियों में खुद को ढाल सकें। 90 के दशक की सीख:1990 के दशक में कंप्यूटर क्रांति ने भारत के शिक्षा और रोजगार पर गहरा असर डाला। उस समय कॉलेजों में कंप्यूटर शिक्षा लगभग अनुपस्थित थी। तब NIIT और Aptech जैसे निजी संस्थानों ने युवाओं को कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग की बुनियादी स्किल सिखाकर लाखों को रोजगार के अवसर दिए। उस दौर ने यह साबित किया कि कभी-कभी हुनर डिग्री से बड़ा साबित होता है। स्किल ही सब कुछ नहीं:हालांकि स्किल जरूरी है, लेकिन केवल यह ही पर्याप्त नहीं है। जिन लोगों के पास मजबूत शैक्षणिक नींव थी – यानी सोचन...
मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी: SHANTI बिल से प्राइवेट सेक्टर के लिए खुला परमाणु ऊर्जा क्षेत्र
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मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी: SHANTI बिल से प्राइवेट सेक्टर के लिए खुला परमाणु ऊर्जा क्षेत्र

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ऊर्जा रणनीति में एक बड़ा कदम उठाते हुए SHANTI बिल को मंजूरी दे दी है। इस बिल का पूरा नाम है “Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India”। अब इसके लागू होने से प्राइवेट कंपनियां भी देश में परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और संचालन कर सकेंगी। यह भारत के 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अहम कदम है। SHANTI बिल के प्रमुख बिंदु सिविल लायबिलिटी कानून में बदलाव: बिल में बदलाव के बाद परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालकों को सुरक्षा और कानूनी राहत मिलेगी। उपकरण बनाने वाले सप्लायर्स की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी। इंश्योरेंस कवरेज बढ़ी: अब प्रत्येक घटना पर ऑपरेटर इंश्योरेंस को 1,500 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया है, जो इंडियन न्यूक्लियर इंश्योरेंस पूल के तहत कवर होगा। 49% तक विदेशी निवेश: बिल म...