UGC नियम पर रोक से राजद को क्यों लगा बड़ा झटका? पिछड़ावाद की राजनीति और ‘सीक्रेट एजेंडा’ पर फिरा पानी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाए जाने के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। यह फैसला केवल शैक्षणिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर पिछड़ावाद की राजनीति पर भी पड़ा है। खासकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को इससे ऐसा झटका लगा है, जिसे पार्टी के भीतर एक बड़े राजनीतिक अवसर के हाथ से निकल जाने के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, सत्ता से दूर चल रही राजद को यूजीसी के नए नियमों में एक ऐसा मुद्दा नजर आया था, जिसके सहारे वह बिहार की राजनीति को एक बार फिर ‘मंडल युग’ की धुरी पर ले जा सकती थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक ने उस रणनीति पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।
सामाजिक न्याय बनाम पिछड़ावाद की राजनीति
बिहार की राजनीति में पिछड़ावाद का उदय कर्पूरी ठाकुर के आरक्षण आंदोलन से हुआ और इसे लालू प्रसाद यादव ने ‘सामाजिक न्याय’ का नाम देकर चरम तक पहुंचाया। यही राजनीति लंबे...










