Tuesday, July 21

Politics

सियासी परिवार में जन्मी, पर राजनीति से रहीं दूर – अब बनेंगी महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम, जानिए सुनेत्रा पवार कौन
Maharashtra, Politics, State

सियासी परिवार में जन्मी, पर राजनीति से रहीं दूर – अब बनेंगी महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम, जानिए सुनेत्रा पवार कौन

मुंबई/बारामती: दिवंगत पति अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद सुनेत्रा पवार आज शाम पांच बजे महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेंगी। इससे पहले उन्हें एनसीपी की बैठक में औपचारिक रूप से पार्टी विधायक दल का नेता चुना जाएगा। वर्तमान में वे राज्यसभा सांसद हैं और अजित पवार की विधवा हैं। सुनेत्रा पवार का जन्म अक्टूबर 1963 में हुआ। वे औरंगाबाद के एसबी कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री धारक हैं। 1985 में उन्होंने अजित पवार से शादी की। शादी के बाद उन्होंने परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों को संभाला और राजनीति से दूरी बनाए रखी। हालांकि 2024 में उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन ननद सुप्रिया सुले से 1.5 लाख वोटों के अंतर से हार गईं। सामाजिक और औद्योगिक योगदान: सुनेत्रा पवार बारामती हाई-टेक टेक्सटाइल पार्क जैसी औद्योगिक परियोजनाओं की प्रमुख रही हैं। इस पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों...
अजित पवार खेमा फिलहाल एनसीपी विलय के पक्ष में नहीं, शरद पवार गुट तैयार – फंसा विलय का पेच
Maharashtra, Politics, State

अजित पवार खेमा फिलहाल एनसीपी विलय के पक्ष में नहीं, शरद पवार गुट तैयार – फंसा विलय का पेच

मुंबई/बारामती: दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में विलय को लेकर चर्चा चल रही है। हालांकि फिलहाल दोनों गुटों के विलय की संभावना कम दिखाई दे रही है। एनसीपी के एक धड़े का मानना है कि विलय से पहले सुनेत्रा पवार को पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी। एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट विलय के पक्ष में है और उनका कहना है कि यह कदम दिवंगत अजित पवार की “अंतिम इच्छा” थी। एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख ने भी कहा कि सभी को विलय के लिए कदम उठाने चाहिए, ताकि पार्टी एकजुट रहे। सुनेत्रा पवार की स्थिति अजित पवार खेमा फिलहाल विलय के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि विलय होने पर पार्टी के फैसले किसके हाथ में होंगे – सुनेत्रा पवार या शरद पवार – यह स्पष्ट नहीं है। इस धड़े का मानना है कि विलय का समय उचित होना चाहिए, ताकि ...
दिल्ली सरकार ने एमसीडी को दिया 500 करोड़ का फंड, सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने का बड़ा कदम
Delhi (National Capital Territory), Politics, State

दिल्ली सरकार ने एमसीडी को दिया 500 करोड़ का फंड, सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने का बड़ा कदम

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी को 500 करोड़ रुपये की एकमुश्त सहायता राशि देने का ऐलान किया है। इस धनराशि का उपयोग सड़कों की सफाई, कूड़े के बेहतर प्रबंधन, छोटे-मोटे मरम्मत कार्य और धूल से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए किया जाएगा। नियमित सहायता भी जारी रहेगी मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार भविष्य में भी एमसीडी को हर साल 300 करोड़ रुपये की नियमित सहायता प्रदान करेगी, ताकि सफाई व्यवस्था स्थायी रूप से मजबूत रहे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एमसीडी मेयर को 500 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश की कॉपी सौंप दी गई। बैठक में कौन-कौन थे मौजूद बैठक में दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर राजा इकबाल सिंह, एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, दिल्ली ...
बिहार के पांच मुख्यमंत्री जिनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा: कोई 5 दिन का तो कोई 99 दिन का, नीतीश कुमार का भी नाम शामिल
Bihar, Politics, State

बिहार के पांच मुख्यमंत्री जिनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा: कोई 5 दिन का तो कोई 99 दिन का, नीतीश कुमार का भी नाम शामिल

पटना (बिहार)। बिहार की राजनीति हमेशा से ही गठबंधन, सत्ता और कुर्सी के खेल के लिए जानी जाती रही है। इस खेल में कई बार सरकारें टूटती रही हैं और ऐसे में राज्य को कई मुख्यमंत्री मिले जिनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा। इनमें पांच मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिन्होंने सत्ता में बहुत ही कम समय बिताया।   1. सतीश प्रसाद सिंह – सिर्फ 5 दिन का सीएम बिहार के पहले ओबीसी मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड रखते हैं। 28 जनवरी 1968 को उन्होंने पद संभाला और 1 फरवरी 1968 को ही सरकार गिर गई। उनका कार्यकाल मात्र 5 दिन का रहा।   2. बीपी मंडल – 30 दिन का कार्यकाल बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल, जिन्हें मंडल आयोग के अध्यक्ष के रूप में जाना जाता है, 1 फरवरी 1968 को मुख्यमंत्री बने। उनकी सरकार केवल 30 दिन चली और 2 मार्च 1968 को गिर गई।   3. भोला पासवान शास्त्री – 99 दिन और 12 ...
परियोजनाओं की मंजूरी होगी तेज, सीएम योगी ने मंत्रियों के वित्तीय अधिकार पांच गुना बढ़ाए अब 50 से 150 करोड़ तक की योजनाओं को मिल सकेगी विभागीय स्वीकृति
Politics, State, Uttar Pradesh

परियोजनाओं की मंजूरी होगी तेज, सीएम योगी ने मंत्रियों के वित्तीय अधिकार पांच गुना बढ़ाए अब 50 से 150 करोड़ तक की योजनाओं को मिल सकेगी विभागीय स्वीकृति

लखनऊ, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में विकास परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के वित्तीय अधिकारों में पांच गुना बढ़ोतरी के निर्देश दिए हैं, जिससे अब विभागीय स्तर पर योजनाओं को पहले से कहीं अधिक तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। नई व्यवस्था के तहत विभागीय मंत्री अब 50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को स्वीकृति दे सकेंगे, जो पहले 10 करोड़ रुपये तक सीमित थी। वहीं, 50 से 150 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की मंजूरी वित्त मंत्री स्तर से दी जाएगी। 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं को मुख्यमंत्री स्तर से स्वीकृति लेनी होगी। 15 अप्रैल तक हर विभाग को मंजूर करानी होगी वार्षिक कार्ययोजना मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को वित्त विभाग के साथ हुई बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी वार्षिक कार्ययोजना हर हाल में 1...
अकोला महानगरपालिका में बीजेपी का डबल स्ट्राइक, मेयर–डिप्टी मेयर दोनों पदों पर कब्जा शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस को झटका, अन्य दलों के समर्थन से बदला सियासी समीकरण
Maharashtra, Politics, State

अकोला महानगरपालिका में बीजेपी का डबल स्ट्राइक, मेयर–डिप्टी मेयर दोनों पदों पर कब्जा शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस को झटका, अन्य दलों के समर्थन से बदला सियासी समीकरण

अकोला/नागपुर। महाराष्ट्र के अकोला महानगरपालिका में शुक्रवार को हुए मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए दोनों शीर्ष पदों पर जीत दर्ज की। बीजेपी की शारदा खेडकर मेयर और अमोल गोगे डिप्टी मेयर निर्वाचित हुए। इस चुनाव में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा। मेयर पद के चुनाव में शारदा खेडकर को 45 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 32 वोट ही प्राप्त हो सके। बीजेपी को यह जीत अन्य दलों और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से मिली, जिसने चुनावी समीकरण को पूरी तरह बदल दिया। अन्य दलों के समर्थन से बीजेपी की जीत बीजेपी के पास अपने 38 पार्षदों के अलावा एनसीपी (एसपी) के तीन, एनसीपी (अजित पवार गुट) और शिवसेना के एक-एक पार्षद तथा दो निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला। खास बात यह रही कि ...
अजित पवार के उत्तराधिकारी पर चर्चा अमानवीय: संजय राउत ने जताया विरोध
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अजित पवार के उत्तराधिकारी पर चर्चा अमानवीय: संजय राउत ने जताया विरोध

मुंबई (सुजीत उपाध्याय): उप मुख्यमंत्री अजित पवार के अचानक निधन के बाद महाराष्ट्र में उनके उत्तराधिकारी को लेकर राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संजय राउत ने कहा कि ऐसे समय में जब पूरा परिवार गमगीन है, अजित पवार के उत्तराधिकारी की चर्चा करना अमानवीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को उठाने वाले में जरा भी इंसानियत नहीं है। राउत ने कहा, “चाहे वे मंत्री हों या विधायक, किसी को भी इस समय इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार अभी भी अपने पति के निधन का शोक मना रही हैं।” विमान हादसे में हुआ निधन 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में अजित पवार का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। उनके निधन के एक दिन बाद ही एनसीपी के भी...
ठाणे महापौर पद के लिए शर्मिला पिंपलोलकर ने भरा नामांकन, एकनाथ शिंदे भी मौजूद
Maharashtra, Politics, State

ठाणे महापौर पद के लिए शर्मिला पिंपलोलकर ने भरा नामांकन, एकनाथ शिंदे भी मौजूद

मुंबई: मुंबई से सटे ठाणे महानगरपालिका में महापौर पद के लिए तस्वीर साफ हो गई है। शुक्रवार को वार्ड 20 से जीतीं शर्मिला रोहित पिंपलोलकर ने महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे। शर्मिला पिंपलोलकर, शिवसेना नेता रोहित पिंपलोलकर की पत्नी हैं। वहीं, डिप्टी मेयर के पद के लिए कृष्णा पाटील ने नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक भी उपस्थित थे। ठाणे महानगरपालिका चुनावों में शिवसेना ने 75 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा के खाते में 28 सीटें आईं। इसके अलावा, एनसीपी के अजित पवार गुट को 9 सीटें और शरद पवार गुट को 12 सीटें मिलीं। उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 1 सीट पर जीत हासिल की। अन्य पक्षों में, एआईएमआईएम को 5 सीटें और एक निर्दलीय उम्मीदवार को 1 सीट मिली। ठाणे महानगरपालिका में कुल 131 सीटें हैं, जबकि कुल वार्डो...
महाराष्ट्र में बड़ी राजनीतिक हलचल: NCP नेता फडणवीस से मिले, अजित पवार के विभागों पर दावा ठोंका
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महाराष्ट्र में बड़ी राजनीतिक हलचल: NCP नेता फडणवीस से मिले, अजित पवार के विभागों पर दावा ठोंका

मुंबई: उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में असमय मौत के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और पार्टी की सरकार में आगे की रणनीति से उन्हें अवगत कराया। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, मंत्री छगन भुजबल और सुनील तटकरे शामिल थे। बैठक के दौरान नेताओं ने पार्टी की ओर से यह संकेत दिया कि सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना है। हालांकि, अभी तक सुनेत्रा पवार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश में मृत्यु हुई थी। उनके अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र की राजनीति की कई बड़ी हस्तियों के अलावा केंद्रीय मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद थे। अंतिम विदाई के दौरान बारामती में भारी जनसम...
अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को बनाना चाहते हैं डिप्टी CM, बारामती से बेटे को चुनाव लड़ाने की मांग
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अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को बनाना चाहते हैं डिप्टी CM, बारामती से बेटे को चुनाव लड़ाने की मांग

पुणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अचानक विमान दुर्घटना में मौत के बाद एनसीपी के भीतर राजनीतिक शून्य को भरने की कवायद तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार से राज्य की सक्रिय राजनीति में लौटने और पार्टी की कमान संभालने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्हें महायुति सरकार में शामिल कर उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना पर भी चर्चा हुई। गुरुवार को पुणे स्थित सुनेत्रा पवार के आवास पर एनसीपी के शीर्ष नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे और कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल जैसे दिग्गज नेता शामिल थे। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धांजलि दी और सुनेत्रा पवार की आगे की राजनीतिक भूमिका पर विचार-विमर्श किया। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जमीनी कार्यकर्ता चा...