Wednesday, July 22

Maharashtra

महाराष्ट्र के डेप्युटी सीएम अजित पवार का विमान हादसे में दुखद निधन, अंतिम मीटिंग में मंजूरी दी कई विकास परियोजनाओं को
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महाराष्ट्र के डेप्युटी सीएम अजित पवार का विमान हादसे में दुखद निधन, अंतिम मीटिंग में मंजूरी दी कई विकास परियोजनाओं को

मुंबई: महाराष्ट्र के डेप्युटी मुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया। वे बारामती में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन लैंडिंग के दौरान हुए हादसे में विमान पूरी तरह जलकर राख हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। अजित पवार का यह अंतिम सार्वजनिक दायित्व 27 जनवरी को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमिटी की मीटिंग था। इस मीटिंग में कई अहम विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। मुख्य परियोजनाओं में शामिल हैं: छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मेट्रो लाइन 8 के माध्यम से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की परियोजना। नासिक सिटी परिक्रमा मार्ग का निर्माण, जिसकी कुल लंबाई 66.15 किमी और अनुमानित लागत ₹3954 करोड़ है। गढ़चिरौली जिले में नवेगांव मोरे-कोंसारी मुल...
बाल ठाकरे के सामने फीका पड़ा उद्धव का स्टारडम, मुंबई में बीएमसी चुनाव में हार ने जताई ब्रांड की कमजोरी
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बाल ठाकरे के सामने फीका पड़ा उद्धव का स्टारडम, मुंबई में बीएमसी चुनाव में हार ने जताई ब्रांड की कमजोरी

मुंबई, विश्वनाथ सुमन: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे का करिश्मा आज भी कायम है, लेकिन उनके उत्तराधिकारी उद्धव ठाकरे मुंबई की राजनीति में अपने पिता की छवि को कायम नहीं रख सके। जिस ठाकरे ब्रांड ने छह दशकों तक मुंबई पर प्रभाव बनाए रखा, वह बीएमसी चुनाव में हार के बाद कमजोर नजर आया। बाल ठाकरे: मुंबई की राजनीति के ‘जस्टिस’बाल ठाकरे ने 1966 में शिवसेना की स्थापना की और मराठी मानूस के अधिकारों के लिए लंबी राजनीतिक यात्रा तय की। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री, ट्रेड यूनियनों और बिजनेस वर्ग तक पर अपना प्रभाव दिखाया। बाल ठाकरे के सामने विरोधी भी कायदे में रहे और पार्टी में कई बागी हुए, लेकिन उनके करिश्मे के सामने टिक नहीं सके। उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व ने मुंबई में उन्हें राजनीतिक ‘जस्टिस’ की हैसियत दी। उद्धव ठाकरे के प्रयोग और हार2003 में उद्धव ठाकरे को उत्तराधिकारी बनाया ...
गणेश नाइक का शिंदे गुट पर वार “नाम और वजूद मिट सकता है”
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गणेश नाइक का शिंदे गुट पर वार “नाम और वजूद मिट सकता है”

मुंबई/ठाणे: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी नेता गणेश नाइक और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के बीच तल्खी देखने को मिली है। नाइक ने हाल ही में ठाणे में एक गणेश मंडल का दौरा करते हुए तीखा बयान देते हुए कहा कि अगर बीजेपी नेतृत्व उन्हें आजादी से काम करने देता है, तो शिंदे का राजनीतिक नाम और वजूद पूरी तरह मिट सकता है। नाइक का बयान और चुनावी असंतोष गणेश नाइक ने बिना शिंदे का नाम लिए कहा, “हमारी पार्टी अनुशासित है। एक बार आदेश मिलने के बाद हम उसका पालन करते हैं। जब मन सहमत नहीं होता, तब भी कार्यकर्ताओं ने पार्टी अनुशासन का पालन किया और चुप रहे।” नाइक ने हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनावों में महायुति गठबंधन की रणनीति पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि मेयर और अन्य पद कार्यकर्ताओं के लिए होते हैं, नेताओं के लिए नहीं। उनके अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद जिस पार्टी के पास ज्यादा पार्ष...
लाडकी बहिन योजना का फ्रॉड पत्नी के खाते से पति ने निकाले पैसे, दूसरी महिला को ले जाकर किया धोखाधड़ी
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लाडकी बहिन योजना का फ्रॉड पत्नी के खाते से पति ने निकाले पैसे, दूसरी महिला को ले जाकर किया धोखाधड़ी

बुलढाणा: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत मिलने वाली राशि से जुड़े एक चौंकाने वाले मामले में पत्नी ने अपने पति और बैंक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। मामला क्या है? मेहकर तालुका के राजगढ़ की रहने वाली नेहा विशाल चव्हाण ने आरोप लगाया है कि उनके पति विशाल चव्हाण ने एक दूसरी महिला को लेकर बैंक में जाकर उनके खाते से रकम निकाल ली। इस घटना में दो बार उनके खाते से कुल 5,800 रुपये हड़प लिए गए। नेहा चव्हाण एक साल से अकोला जिले के राजनखेड़ में रह रही थीं, क्योंकि उनके पति से विवाद चल रहा था। लाडकी बहिन योजना के तहत उन्हें हर महीने 1,500 रुपये मिलते थे, जो महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक, डोंगांव ब्रांच में उनके खाते में जमा होते थे। कैसे हुआ फ्रॉड? 11 अगस्त 2025 को विशाल चव्हाण ने जाली साइन कर अपने पत्नी के खाते से 2,800 रुपये निकाल लिए। 3 नव...
यूजीसी बिल 2026: उच्च शिक्षा में अगड़ी जातियों को क्या है खतरा? उद्धव सेना भी विरोध में, प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाए सवाल
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यूजीसी बिल 2026: उच्च शिक्षा में अगड़ी जातियों को क्या है खतरा? उद्धव सेना भी विरोध में, प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाए सवाल

मुंबई: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस 2026’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस नए नियम पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसके दायरे, स्पष्टता और चुनिंदा तरीके से लागू किए जाने पर सवाल उठाए हैं और चेतावनी दी है कि अगर यह नियम ठीक से लागू नहीं हुए तो विश्वविद्यालय परिसरों में तनाव बढ़ सकता है। प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा? प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि नियमों में असमान कानूनी सुरक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा, “कैंपस में किसी भी तरह का जातिगत भेदभाव गलत है। लेकिन क्या कानून सबके लिए समान सुरक्षा नहीं देना चाहिए? कानून लागू करने में भेदभाव क्यों?” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि झूठे आरोपों और दुरुपयोग की स्थिति में दोषी को कैसे तय किया जाएगा। उनका ...
गणतंत्र दिवस भाषण विवाद पालकमंत्री गिरीश महाजन पर महिला फॉरेस्ट गार्ड ने लगाए गंभीर आरोप, नासिक में हंगामा
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गणतंत्र दिवस भाषण विवाद पालकमंत्री गिरीश महाजन पर महिला फॉरेस्ट गार्ड ने लगाए गंभीर आरोप, नासिक में हंगामा

नासिक: गणतंत्र दिवस पर नासिक में हुए झंडा फहराने के कार्यक्रम में पालकमंत्री गिरीश महाजन के भाषण ने एक विवाद को जन्म दे दिया। मंत्री ने अपने भाषण में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम नहीं लिया, जिससे महिला फॉरेस्ट गार्ड माधवी जाधव भड़क उठीं और उन्होंने मौके पर ही मंत्री से सवाल किया। महिला फॉरेस्ट गार्ड का आक्रोश माधवी जाधव ने कहा, “बाबासाहेब संविधान के निर्माता हैं। आप उन्हें मिटाने चले हैं। मुझे सस्पेंड कर दिया जाए, तो भी मैं किसी से नहीं डरूंगी। मेरी माफी नहीं मांगूंगी, लेकिन पालकमंत्री को अपनी गलती माननी चाहिए। मैं बाबासाहेब की पहचान मिटने नहीं दूंगी।” उन्होंने आगे कहा कि वह मीडिया की कोई परवाह नहीं करतीं और अगर सस्पेंड किया गया तो रेत और मिट्टी का काम करेंगी, लेकिन संविधान निर्माता की सम्मान को नहीं दबने देंगी। भाषण में बाबासाहेब का नाम क्यों नहीं आया? माधवी ज...
औरंगजेब, अकबर, बाबर, हुमायूं… बाप-दादा की औकात तक बात, महाराष्ट्र में हरा बनाम भगवा पर घमासान
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औरंगजेब, अकबर, बाबर, हुमायूं… बाप-दादा की औकात तक बात, महाराष्ट्र में हरा बनाम भगवा पर घमासान

मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत इस समय हरा बनाम भगवा की रंगत में रंगी हुई है। एआईएमआईएम के नेता इम्तियाज जलील और वारिस पठान द्वारा महाराष्ट्र और देश को हरे रंग में बदलने वाले विवादित बयानों के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने इस मुद्दे पर जमकर पलटवार किया। जलील और पठान के बयान एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने राज्य में पार्टी के विस्तार और नव निर्वाचित पार्षद सहर शेख के ‘मुंब्रा को हरा कर देंगे’ वाले बयान का समर्थन किया। जलील ने कहा, “सिर्फ मुंब्रा ही नहीं, बल्कि हम पूरे महाराष्ट्र में हरा रंग फैलाएंगे।” इस बयान ने राज्य में हरा बनाम भगवा की बहस को फिर से उभार दिया। बीजेपी और शिवसेना का विरोध नेता शाइना एनसी ने कहा कि एआईएमआईएम केवल इस्लामीकरण की राजनीति करती है। उन्होंने वारिस पठान और जलील पर निशाना साधते हुए कहा, “आपके दादा-परदादा भी इस देश को हरा नहीं क...
Success Story: सिर्फ 10वीं तक पढ़ाई, इंक से हथियार बनाने तक का सफर, सत्यनारायण नुवाल को यूं ही नहीं मिला पद्म श्री सम्मान
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Success Story: सिर्फ 10वीं तक पढ़ाई, इंक से हथियार बनाने तक का सफर, सत्यनारायण नुवाल को यूं ही नहीं मिला पद्म श्री सम्मान

नागपुर: राजस्थान के एक छोटे से गांव से निकलकर अरबों डॉलर का व्यवसायिक साम्राज्य खड़ा करने वाले सत्यनारायण नंदलाल नुवाल को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा हुई है। सोलार इंडस्ट्रीज के चेयरमैन नुवाल ने अपने करियर की शुरुआत इंक बनाने से की और धीरे-धीरे डिफेंस सेक्टर में हथियार निर्माण तक का लंबा सफर तय किया। बचपन और शुरुआती संघर्ष सत्यनारायण नुवाल का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ। आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई सिर्फ 10वीं तक ही हो पाई। 19 साल की उम्र में उन्होंने शादी कर परिवार की जिम्मेदारियाँ अपने कंधों पर संभाली। जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। काम की तलाश और अवसर बेहतरीन अवसर की तलाश में वे महाराष्ट्र के चंद्रपुर आए। वहां उन्हें रिश्तेदार के माध्यम से काम मिला। इसी दौरान उनकी मुलाकात अब्दुल सत्तार अल्लाहभाई से हुई, जिनके पास एक्सप्...
ताजे पानी के बहाव से भारत की एकमात्र उल्कापिंड झील को गंभीर खतरा, लोनार लेक का जलस्तर 20 फीट बढ़ा
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ताजे पानी के बहाव से भारत की एकमात्र उल्कापिंड झील को गंभीर खतरा, लोनार लेक का जलस्तर 20 फीट बढ़ा

पुणे: महाराष्ट्र की ऐतिहासिक और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण लोनार झील आज गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है। लगभग 50 हजार वर्ष पहले उल्कापिंड के टकराव से बनी यह झील न केवल भूगर्भीय दृष्टि से अद्वितीय है, बल्कि मंगल ग्रह की सतह के अध्ययन के लिए पृथ्वी पर मौजूद सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक उदाहरणों में से एक भी मानी जाती है। हाल ही में झील में अत्यधिक मीठे पानी के प्रवेश से इसके पारिस्थितिकी तंत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक झील की उच्च क्षारीय प्रकृति (पीएच स्तर लगभग 11.5) के कारण केवल विशिष्ट सूक्ष्मजीव और जैव विविधता ही जीवित रह पाती थी, लेकिन अब पहली बार यहां मछलियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य स...
भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने पर विपक्ष भड़का, संजय राउत बोले- ‘मराठी माणूस’ के घावों पर नमक छिड़का
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भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने पर विपक्ष भड़का, संजय राउत बोले- ‘मराठी माणूस’ के घावों पर नमक छिड़का

  मुंबई: केंद्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण देने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई और सरकार से सवाल किया कि कोश्यारी ने ऐसा क्या कार्य किया है, जिसके लिए उन्हें यह उच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया।   संजय राउत का हमला शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता संजय राउत ने इस सम्मान को ‘लोकतंत्र और संविधान की हत्या’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा फुले जैसे राष्ट्रीय नायकों का अपमान किया। राउत ने आरोप लगाया कि ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करना मराठी लोगों के स्वाभिमान पर नमक छिड़कने के समान है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने के लिए सम्मान दिया जा रहा है, तो वे ऐसी सरकार को नमन करते हैं।   पूर्व मुख्यमं...