Tuesday, July 21

technology

150 देशों के लोगों को ऐपल-गूगल की चेतावनी, फोन में घुसने की कोशिश कर रहा जासूसी सॉफ़्टवेयर, बचने के लिए करें ये जरूरी काम
technology

150 देशों के लोगों को ऐपल-गूगल की चेतावनी, फोन में घुसने की कोशिश कर रहा जासूसी सॉफ़्टवेयर, बचने के लिए करें ये जरूरी काम

नई दिल्ली: दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों, ऐपल और गूगल ने हाल ही में 150 देशों के कुछ यूज़र्स को साइबर सुरक्षा के बारे में चेतावनी दी है। कंपनियों ने कहा है कि उनका डिवाइस हैक करने की कोशिश की जा रही है और इसके लिए खतरनाक जासूसी सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह हमला संभवतः सरकारों से जुड़े हैकर्स द्वारा किया जा रहा है, जो गोपनीय डेटा की चोरी करने की कोशिश कर रहे हैं। हैकर्स का टारगेट कौन हैं? ऐपल और गूगल दोनों ने अपने यूज़र्स को ऐसे सॉफ़्टवेयर से सतर्क किया है जो मोबाइल डिवाइस में चुपके से घुसकर महत्वपूर्ण जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। ये हमले आम चोरी की तरह नहीं होते, बल्कि इसमें महंगे और उच्च-स्तरीय जासूसी टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। गूगल ने 3 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट में बताया कि इंटेलेक्सा नाम का एक जासूसी सॉफ़्टवेयर कई देशों में सक्रिय है, और वह सैकड़ों अकाउंट्स को...
कैसे बदलें JioFiber और Airtel Wi-Fi का पासवर्ड? जानिए आसान तरीका
technology

कैसे बदलें JioFiber और Airtel Wi-Fi का पासवर्ड? जानिए आसान तरीका

नई दिल्ली: JioFiber और Airtel Wi-Fi यूज़र्स के लिए पासवर्ड बदलने की प्रक्रिया अब काफी आसान हो गई है। यदि आप भी अपने JioFiber या Airtel Wi-Fi का पासवर्ड बदलने में कन्फ्यूज हैं, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको बताएंगे कि आप किस तरह अपने Wi-Fi का पासवर्ड बदल सकते हैं, वो भी बिना किसी झंझट के। JioFiber का पासवर्ड बदलने का तरीका JioFiber यूज़र्स के लिए पासवर्ड बदलना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। पहले जहां राउटर के इंटरफेस में लॉगिन करना पड़ता था, अब आपको बस MyJio ऐप की मदद से यह काम आसानी से किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसकी प्रक्रिया: MyJio ऐप डाउनलोड करें और लॉगिन करने के लिए Jio नंबर और OTP का इस्तेमाल करें। होम स्क्रीन पर JioFiber पर टैप करें। अब Menu में जाकर Settings या Wi-Fi Settings चुनें। Wi-Fi Settings पर टैप करने के बाद आपको SSID (Wi-...
Lava Agni 4 रिव्यू: डिजाइन और डिस्प्ले शानदार, लेकिन गेमिंग में कमी, जानें कैसा है लावा का सबसे महंगा स्मार्टफोन
technology

Lava Agni 4 रिव्यू: डिजाइन और डिस्प्ले शानदार, लेकिन गेमिंग में कमी, जानें कैसा है लावा का सबसे महंगा स्मार्टफोन

नई दिल्ली: भारत की देसी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी लावा ने हाल ही में 'Agni 4' स्मार्टफोन लॉन्च किया है, जो मिड रेंज में आता है और प्रीमियम लुक के साथ आता है। इस स्मार्टफोन की कीमत 24,999 रुपये है, जो इसे भारतीय बाजार में एक मजबूत प्रतियोगी बनाता है। मैंने इस फोन को दो हफ्तों तक इस्तेमाल किया और यहां जानिए मेरा अनुभव इस डिवाइस के साथ कैसा रहा। डिजाइन और डिस्प्ले लावा Agni 4 का डिजाइन हाथ में लेते ही प्रीमियम लगता है। फोन के पीछे ग्लास मैट फिनिश है, जिससे फिंगरप्रिंट कम नजर आते हैं। खास बात यह है कि कैमरा मॉड्यूल थोड़ा बड़ा है, लेकिन यह देखकर कोई असहज नहीं होगा क्योंकि यह डिजाइन ट्रेंडिंग स्मार्टफोन्स में देखा जाता है। फोन का वजन 208 ग्राम है और इसकी मोटाई 8.6 मिमी है, जो थोड़ा मोटा लगता है लेकिन पकड़ने में आरामदायक है। फोन में 6.67 इंच की 1.5K AMOLED स्क्रीन है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट...
बिना OTP के खाली हो सकता है बैंक अकाउंट! खतरनाक ‘Albiriox’ वायरस की चपेट में आ सकते हैं एंड्रॉयड यूजर्स — जानें कैसे करें बचाव
technology

बिना OTP के खाली हो सकता है बैंक अकाउंट! खतरनाक ‘Albiriox’ वायरस की चपेट में आ सकते हैं एंड्रॉयड यूजर्स — जानें कैसे करें बचाव

एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ा खतरा सामने आया है। एक नया और बेहद खतरनाक बैंकिंग वायरस Albiriox तेजी से फोन में घुसकर यूजर्स के बैंक अकाउंट को खाली कर रहा है—वो भी बिना OTP और बिना लॉगिन पासवर्ड के। साइबर अपराधी इस वायरस का इस्तेमाल करके आसानी से बैंकिंग ऐप पर कब्जा कर रहे हैं और खातों से पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं। कैसे काम करता है यह खतरनाक वायरस? फ्रॉड प्रिवेंशन कंपनी Cleafy के अनुसार, यह वायरस नकली ऐप्स, क्लोन किए गए प्ले स्टोर लिस्टिंग और WhatsApp/Telegram मैसेज के जरिए फैल रहा है।हैरानी की बात यह है कि यह वायरस Malware-as-a-Service (MaaS) मॉडल पर बेचा जा रहा है यानी हैकर्स इसे सब्सक्रिप्शन लेकर खरीदते हैं और तुरंत इस्तेमाल में ले आते हैं। हैकर्स कैसे डाल देते हैं वायरस आपके फोन में? हैकर्स हानिकारक APK फाइलों को सामान्य ऐप जैसा दिखाते हैं। ऑफर या लालच देकर यूजर्स...
“टैरिफ हाइक 2025: एयरटेल ने बंद किए 30 दिन की वैलिडिटी वाले 121 और 181 रुपये के डेटा प्लान”
technology

“टैरिफ हाइक 2025: एयरटेल ने बंद किए 30 दिन की वैलिडिटी वाले 121 और 181 रुपये के डेटा प्लान”

नई दिल्ली: टैरिफ हाइक की खबरों के बीच में एयरटेल ने अपने प्रीपेड यूजर्स के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने दो किफायती 30 दिन की वैलिडिटी वाले डेटा प्लान—121 रुपये और 181 रुपये वाले—अधिकारिक वेबसाइट और Airtel Thanks ऐप से हटा दिए हैं। कौन-कौन से पैक बंद हुए: 121 रुपये का पैक: 6GB बेस डेटा + 2GB ऐप-एक्सक्लूसिव डेटा, कुल 8GB डेटा। वैलिडिटी: 30 दिन। 181 रुपये का पैक: 15GB डेटा + एयरटेल एक्सस्ट्रीम प्ले प्रीमियम 30 दिन के लिए। इसमें 22 से ज्यादा ओटीटी कंटेंट का फ्री एक्सेस मिलता था। इन पैकों के बंद होने के बाद एयरटेल के पास अब केवल चार 30 दिन के डेटा पैक बच गए हैं—100 रुपये, 161 रुपये, 195 रुपये और 361 रुपये वाले। इसके साथ ही ऐप-एक्सक्लूसिव बेनिफिट्स वाले पैक भी कम हो गए हैं। अब सिर्फ 77 रुपये वाला डेटा पैक ही ऐप से रिचार्ज करने पर अतिरिक्त लाभ देता है। विभिन्न वैलिडिटी के...
“AI टेडी बियर ने बच्चों से की ‘गंदी बातें’, OpenAI ने लिया सख्त कदम, पैरंट्स के लिए चेतावनी”
technology

“AI टेडी बियर ने बच्चों से की ‘गंदी बातें’, OpenAI ने लिया सख्त कदम, पैरंट्स के लिए चेतावनी”

न्यूयॉर्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब बच्चों के खिलौनों में भी आ चुका है, लेकिन इसके साथ गंभीर चिंताएँ भी जुड़ी हैं। अमेरिका में हाल ही में एक AI टेडी बियर ‘कुम्मा’ ने बच्चों से हिंसक और अनुचित बातें करनी शुरू कर दी। यह खिलौना OpenAI के मॉडल पर चलता था। घटना सामने आने के बाद OpenAI ने तुरंत इस खिलौने वाली कंपनी पर कार्रवाई की और उसे सस्पेंड कर दिया। मामला गंभीर इसलिए भी है क्योंकि AI खिलौने सिर्फ बातें ही नहीं करते, बल्कि बच्चों की आवाज और बातचीत भी रिकॉर्ड करते हैं। कई बार यह डेटा थर्ड पार्टी कंपनियों तक भी पहुंच जाता है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, कुछ AI खिलौने OpenAI और Perplexity AI जैसे प्लेटफॉर्म तक बच्चों की बातचीत भेजते हैं। चीन में 1,500 से ज्यादा AI खिलौने बनाने वाली कंपनियां इसी तरह डेटा सरकार तक भेजती हैं। पैरंट्स और एक्सपर्ट की चिंता: बच्चों का सामाजिक और मानसिक...
“ताइवान ने चीन के पॉपुलर ऐप रेडनोट पर लगाया 1 साल का बैन, ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम बना कारण”
technology

“ताइवान ने चीन के पॉपुलर ऐप रेडनोट पर लगाया 1 साल का बैन, ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम बना कारण”

ताइपेई: चीन के लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप शाओंगशु (Xiaohongshu), जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेडनोट (Rednote) के नाम से जाना जाता है, को ताइवान में एक साल के लिए बैन कर दिया गया है। ताइवान सरकार ने यह कदम ऐप में ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम के बढ़ते मामलों को देखते हुए उठाया। रिपोर्टों के अनुसार, रेडनोट में पिछले एक साल में 1,700 से अधिक धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को 7.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 70 करोड़ रुपये) से ज्यादा का नुकसान हुआ। रेडनोट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही थी क्योंकि यह टिकटॉक जैसी वीडियो-शेयरिंग ऐप है और इसमें ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधा भी मौजूद है। ताइवान में रेडनोट बैन होने से 30 लाख से अधिक स्थानीय यूजर्स प्रभावित होंगे। इसके लिए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को ऐप को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है। अमेरिका में भी लोकप्रियरेडनोट अमेरिका में भी तेजी से पॉपुलर ...
“116 करोड़ में से सिर्फ 28 करोड़ ही DND के लिए रजिस्टर्ड: TRAI चेयरमैन ने जताई चिंता, स्मार्टफोन यूजर्स से की खास अपील”
technology

“116 करोड़ में से सिर्फ 28 करोड़ ही DND के लिए रजिस्टर्ड: TRAI चेयरमैन ने जताई चिंता, स्मार्टफोन यूजर्स से की खास अपील”

नई दिल्ली: भारत में मोबाइल यूजर्स की संख्या 116 करोड़ के करीब है, लेकिन केवल 28 करोड़ लोग ही धोखाधड़ी और स्पैम कॉल से बचने के लिए TRAI के डू नॉट डिस्टर्ब (DND) सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह जानकारी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने गुरुवार को दी। चेयरमैन लाहोटी ने कहा कि सिर्फ मोबाइल नंबर ब्लॉक करने से स्पैम कॉल और मैसेज पूरी तरह नहीं रुकेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे TRAI के DND ऐप के जरिए स्पैम कॉल और धोखाधड़ी वाले संदेशों की रिपोर्ट करें। उनका कहना है कि इससे TRAI और टेलीकॉम कंपनियों को आपत्तिजनक नंबरों की पहचान करने और उन्हें स्थायी रूप से डिस्कनेक्ट करने में मदद मिलती है। साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन वित्तीय ठगी पर रोक लगाने के लिए TRAI ने बैंक, म्यूचुअल फंड कंपनियों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और बीमा कंपनियों को '1600' नंबरिंग सीर...
सावधान! सिर्फ मोबाइल नंबर डालते ही Leak हो रही आपकी प्राइवेट जानकारी, ProxyEarth वेबसाइट कर रही है ट्रैक
technology

सावधान! सिर्फ मोबाइल नंबर डालते ही Leak हो रही आपकी प्राइवेट जानकारी, ProxyEarth वेबसाइट कर रही है ट्रैक

भारत में एक नई वेबसाइट ProxyEarth सामने आई है, जो सिर्फ एक मोबाइल नंबर डालने मात्र से किसी भी व्यक्ति की लाइव लोकेशन, नाम, पता, पिता का नाम और अन्य पर्सनल डिटेल्स दिखा सकती है। इसे एक राकेश नाम के व्यक्ति ने बनाया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह घटना टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियों को उजागर करती है। कैसे काम करती है वेबसाइट? ProxyEarth पर केवल मोबाइल नंबर डालना होता है। इसके बाद यह वेबसाइट टेलीकॉम रिकॉर्ड और कभी-कभी टेलीकॉम टावरों से ट्रायंगुलेशन डेटा का इस्तेमाल करके यूजर की लाइव लोकेशन और अन्य निजी जानकारी निकाल देती है। नाम, पिता का नाम, पता, वैकल्पिक नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। कुछ मामलों में यूजर की रियल टाइम लोकेशन भी पता चल जाती है। वेबसाइट बनाने वाले राकेश का दावा राकेश खुद को प्रोग्रामर और वीडियो एडिटर बताते हैं। उनका कहना है कि ProxyEart...
रूस के राष्ट्रपति पुतिन इंटरनेट से क्यों रहते हैं दूर? अमेरिका के कनेक्शन का खुलासा
technology

रूस के राष्ट्रपति पुतिन इंटरनेट से क्यों रहते हैं दूर? अमेरिका के कनेक्शन का खुलासा

नई दिल्ली/एनबीटी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते और इंटरनेट से चलने वाले गैजेट्स से भी दूरी बनाए रखते हैं। लगभग 11 साल पहले पुतिन ने खुद इसकी वजह बताई थी। उनका मानना है कि इंटरनेट अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA का प्रोजेक्ट है और रूस को अपने ऑनलाइन हितों की रक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए। पुतिन ने इंटरनेट के बारे में क्या कहा था? द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2014 में सेंट पीटर्सबर्ग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने कहा कि इंटरनेट को शुरू में CIA ने बनाया था और अभी भी इसे अमेरिका बढ़ा रहा है। उनका दावा था कि इंटरनेट रूस के हितों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। अमेरिकी जासूसी का आरोप 2013 में NSA के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने खुलासा किया कि अमेरिका फेसबुक, स्काइप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर जासूसी कर रहा था। इसक...