Projector Vs TV: क्यों प्रोजेक्टर टीवी के सामने फेल साबित होता है
नई दिल्ली/एनबीटी। आजकल घरों में बड़ी स्क्रीन पर मूवी, गेमिंग या क्रिकेट मैच देखने का शौक बढ़ गया है। ऐसे में अक्सर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि प्रोजेक्टर खरीदें या टीवी। हालांकि प्रोजेक्टर का डिस्प्ले बड़ा होता है और मूवी थिएटर जैसा अनुभव देता है, लेकिन इसमें एक बड़ी कमी है, जो इसे टीवी के मुकाबले पीछे कर देती है।
प्रोजेक्टर का सबसे बड़ा दोष: लेंस ब्लर होना
प्रोजेक्टर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसका लेंस होता है, जो स्क्रीन या दीवार पर इमेज बनाता है। समय के साथ लेंस पर धूल, नमी और गंदगी जम जाती है। इसे बाहर से साफ किया जा सकता है, लेकिन लेंस के अंदर की गंदगी और फंगस (फफूंद) लग जाने पर सफेद या काले धब्बे दिखने लगते हैं।
कई बार कोशिश करने के बावजूद लेंस पूरी तरह साफ नहीं होता, जिससे इमेज धुंधली या धब्बेदार नजर आती है। चाहे कितना भी महंगा प्रोजेक्टर हो, यह समस्या आमतौर पर 2-3 साल में द...










