Tuesday, July 21

जीविका कर्मियों के लिए नई सौगात: वेतन बढ़ोतरी और 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा

 

 

पटना: बिहार सरकार ने राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ‘जीविका’ कर्मियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने जीविका (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) के तहत कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह नया वेतन ढांचा 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।

 

सिर्फ वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि सभी कर्मियों को 5 लाख रुपये का मेडिक्लेम (स्वास्थ्य बीमा) कवरेज भी प्रदान किया जाएगा।

 

वेतन वृद्धि का विवरण:

 

निदेशक, एंटरप्राइज निदेशक, विशेष कार्यपालक अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक, मुख्य सूचना अधिकारी, राज्य परियोजना प्रबंधक और राज्य वित्त प्रबंधक के वेतन में 10 प्रतिशत की वृद्धि।

प्रोजेक्ट मैनेजर, प्रोक्योरमेंट ऑफिसर, प्रोग्रामर और एप डेवलपर को 15 प्रतिशत अधिक वेतन।

ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर, थीमैटिक मैनेजर और आईटी एक्जीक्यूटिव को 20 प्रतिशत का इजाफा।

समन्वयक, सहायक और गोदाम कर्मियों के वेतन में सबसे अधिक 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी।

सभी यंग प्रोफेशनल्स को प्रतिमाह 5,000 रुपये की निश्चित वृद्धि।

 

नई कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियां:

सरकार ने मानव संसाधन के बेहतर उपयोग के लिए कार्यप्रणाली में बदलाव किया है। अब एक सामुदायिक समन्वयक की जिम्मेदारी तीन ग्राम पंचायतों तक बढ़ा दी गई है। प्रत्येक ब्लॉक में दो क्षेत्र समन्वयक नियुक्त होंगे। अतिरिक्त कर्मियों को शहरी क्षेत्रों में संस्थान निर्माण, वित्तीय समावेशन और आजीविका संवर्धन जैसे कार्यों में लगाया जाएगा। इनका वेतन शहरी योजनाओं के स्वीकृत फंड से प्रदान किया जाएगा।

 

आउटसोर्सिंग और दैनिक वेतनभोगी कर्मियों पर असर:

राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई स्तर पर आउटसोर्सिंग एजेंसी से आए कर्मियों के लिए मौजूदा नियम जारी रहेंगे। वहीं, जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों का मानदेय श्रम संसाधन विभाग की नई अधिसूचना के आधार पर तय किया जाएगा।

 

बिहार सरकार की यह पहल न केवल जीविका कर्मियों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आजिविका और विकास कार्यों को भी गति देगी।

 

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.