Tuesday, July 21

भोपाल में दूषित पानी का खतरा टला, निगम कर्मचारियों ने छुट्टी के दिन भी किया सघन अभियान

 

 

भोपाल: इंदौर में दूषित पानी के कारण 17 लोगों की मौत ने भोपाल नगर निगम प्रशासन की नींद उड़ा दी। इसी चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए निगम कर्मचारियों ने रविवार को छुट्टी के बावजूद शहर की गलियों और सड़कों में उतरकर अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने 24 जगह लीकेज की पहचान कर उन्हें तुरंत ठीक किया।

 

210 स्थानों से सैंपलिंग, 8 प्रयोगशालाओं में जांच

नगर निगम ने झुग्गी बस्तियों सहित शहर के 210 विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने लिए और उन्हें 8 अलग-अलग प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा। रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता उपयुक्त पाई गई। प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है, इसलिए शनिवार को भी 258 स्थानों से सैंपलिंग की गई थी।

 

जमीनी स्तर पर सुधार कार्य युद्ध स्तर पर

सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार कार्य भी तेज़ी से किए गए। निगम ने 45 सीवेज चैंबरों की सफाई की और पाइपलाइन में पाए गए 24 लीकेज को दुरुस्त किया। इसके अलावा, सीएम हेल्पलाइन और महापौर हेल्पलाइन पर प्राप्त 52 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया।

 

जलकार्य विभाग बड़ी टंकियों और सम्प टैंकों की सफाई पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि नागरिकों तक स्वच्छ पेयजल सुरक्षित रूप से पहुंच सके। इंदौर की त्रासदी से सबक लेते हुए भोपाल नगर निगम अब ‘अलर्ट मोड’ पर है, ताकि राजधानी में किसी भी इलाके में जलजनित बीमारियों का खतरा न पनप सके।

 

 

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