Tuesday, July 21

अमेरिका का बड़ा एक्शन: Worst of the Worst लिस्ट में 89 भारतीय, नाम और फोटो जारी

वॉशिंगटन: अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की गिरफ्त में आए अपराधियों की लिस्ट जारी की है। इस सूची में कम से कम 89 भारतीयों के नाम शामिल हैं। अमेरिका ने इन अपराधियों को “Worst of the Worst” यानी सबसे खतरनाक अपराधियों में शामिल करार दिया है।

अपराधियों पर दर्ज मामले
सूची में शामिल भारतीयों को घरेलू हिंसा, ड्रग तस्करी, यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी, डकैती, मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई गंभीर अपराधों में दोषी पाया गया है। इन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

DHS का बयान
DHS ने बताया, “हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अतिरिक्त 5,000 आपराधिक अवैध विदेशियों को WOW.DHS.GOV पर देखा जा सकता है। हमारे डेटाबेस में अब @ICEgov और @CBP द्वारा गिरफ्तार किए गए 25,000 व्यक्ति शामिल हैं। ये आंकड़े ट्रंप प्रशासन के तहत सड़कों से हटाए गए अपराधियों का सिर्फ एक स्नैपशॉट हैं।”

विभाग ने कहा, “ये वे राक्षस हैं जिन्होंने हमारे समुदायों को आतंकित किया है। अमेरिकियों को ऐसे लोगों द्वारा पीड़ित नहीं होना चाहिए जिन्हें हमारे देश में कानूनी रूप से रहने की अनुमति भी नहीं है। हम हर अवैध विदेशी का नाम उजागर कर रहे हैं और उन्हें शर्मिंदा कर रहे हैं ताकि आम जनता को पता चले कि हमारे अधिकारी क्या कर रहे हैं।”

लिस्ट में शामिल कुछ प्रमुख भारतीय नाम
अवि पटेल, कुलदीप सिंह, हरजिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह, दिलीप पटेल, अमनदीप मुल्तानी, अमृतपाल सिंह, केविन अहीर, उदित मेहरा, दर्शन कुमार पटेल, पटेल प्रदीप विष्णुभाई, मार्जबान मोदी, दिलराज मान, ब्रिजेशकुमार पटेल, अमित पटेल, भावेशकुमार शुक्ल, करमजीत सिंह, रफ़ीक़ली विरानी, ब्रिजेश गोयल, राजेश कुमार, भरतकुमार चौधरी, सुरिंदर सिंह… (सूची लंबी है, पूरी लिस्ट DHS वेबसाइट पर उपलब्ध है)

ट्रंप का वादा पूरा
DHS ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वादे के अनुरूप, ICE और DHS के अधिकारी बड़े पैमाने पर निर्वासन कार्रवाई कर रहे हैं। इस अभियान में सबसे पहले “सबसे बुरे अपराधियों” को हटाया जा रहा है, जिनमें अवैध विदेशी शामिल हैं।

निष्कर्ष
अमेरिका का यह कदम, नागरिक सुरक्षा और अवैध अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। DHS का कहना है कि ये कार्रवाई समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून के शासन को मज़बूत करने के लिए जरूरी है।

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