Wednesday, July 22

Politics

विधानसभा सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का प्रहार, सरकार को हर मुद्दे पर जवाब देने का दावा
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विधानसभा सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का प्रहार, सरकार को हर मुद्दे पर जवाब देने का दावा

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है। इसके पूर्व मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण, नियमों और परंपराओं के अनुरूप संचालित करने पर सहमति बनी। सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पक्षों ने अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि सत्र के दौरान मर्यादा और गरिमापूर्ण भाषा का पालन किया जाएगा। सत्र से पहले आयोजित इस बैठक में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने प्रदेश सरकार को कड़ा संदेश दिया। जूली ने कहा कि बैठक में कई सार्थक और अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और हर मुद्दे पर सरकार को जवाब देना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे सरकार कोई भी उत्तर दे, लोकतांत्रिक परंपराओं के तहत जवाब देना जरूरी है। जूली ने यह भी कहा कि राज्य के किसान, युवा, गरीब और महिलाएं विधानसभा की कार्यवाही को बड़ी उम्मीद के साथ देख रह...
‘विधायक तो हमारी सुनते ही नहीं’ – अशोकनगर में बच्चों ने सीएम का रास्ता रोका, खेल मैदान की डिमांड पर फौरन लिया एक्शन
Madhya Pradesh, Politics, State

‘विधायक तो हमारी सुनते ही नहीं’ – अशोकनगर में बच्चों ने सीएम का रास्ता रोका, खेल मैदान की डिमांड पर फौरन लिया एक्शन

अशोकनगर: मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार को अशोकनगर जिले के मढ़ी गांव के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान कुछ बच्चों ने सीएम का काफिला रोककर खेल के मैदान की मांग की और कहा कि स्थानीय विधायक हमारी बात नहीं सुनते। सीएम ने तुरंत लिया एक्शनमुख्यमंत्री मोहन यादव बच्चों की डिमांड सुनकर तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मढ़ी गांव में खेल मैदान का निर्माण किया जाए। बच्चों ने बताया कि जहां वर्तमान में हेलीपैड बना है, वही उनका खेल का मैदान था, जिस पर अब अतिक्रमण हो चुका है। बच्चों और सीएम के बीच मुठभेड़बच्चों ने सीएम से कहा कि क्रिकेट खेलने के लिए उचित मैदान नहीं है। जब मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी से पूछा कि क्या इसे बनवा देंगे, तो बच्चों ने कहा, “विधायक तो हमारी बात सुनते ही नहीं।” इस पर सीएम ने बच्चों को समझाया और उनके सिर पर प्यार से हाथ फेरा। खेल स्टेडियम ...
अनूपपुर बनेगा मध्य प्रदेश का नया ‘पावर हब’: 60 हजार करोड़ का निवेश, 8 हजार लोगों को रोजगार
Madhya Pradesh, Politics, State

अनूपपुर बनेगा मध्य प्रदेश का नया ‘पावर हब’: 60 हजार करोड़ का निवेश, 8 हजार लोगों को रोजगार

भोपाल: मध्य प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मंगलवार को अनूपपुर जिले में 4000 मेगावॉट की नई ताप विद्युत परियोजनाओं के लिए पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) पर हस्ताक्षर किए गए। इन परियोजनाओं से प्रदेश में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का भारी निवेश आएगा और 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। तीन बड़ी कंपनियां जुटेंगी अनूपपुर मेंटेंडर प्रक्रिया के माध्यम से तीन प्रमुख कंपनियों को इन ग्रीनफील्ड परियोजनाओं का आवंटन किया गया है। टोरेंट पावर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट, जबकि हिंदुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स और अडानी पावर लिमिटेड को 800-800 मेगावॉट क्षमता सौंपी गई है। शासन की विशेष स्वीकृति से अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता का प्रावधान भी रखा गया है। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की दिशा में मील का पत्थ...
पचमढ़ी नगर विकास और सिंचाई परियोजना को कैबिनेट से हरी झंडी, टाइगर रिजर्व में 390 करोड़ की योजना भी मंजूर
Madhya Pradesh, Politics, State

पचमढ़ी नगर विकास और सिंचाई परियोजना को कैबिनेट से हरी झंडी, टाइगर रिजर्व में 390 करोड़ की योजना भी मंजूर

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पचमढ़ी नगर के विकास, सिंचाई परियोजनाओं और टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 390 करोड़ रुपये की नई योजना सहित कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। राज्य सरकार के एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने बैठक के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभयारण्य से अलग करने का प्रस्ताव वन विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार संशोधित कर मंजूरी दी गई है। इसके बाद पचमढ़ी नगर अब पचमढ़ी अभयारण्य से बाहर कर दिया गया है। कैबिनेट ने टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 390 करोड़ रुपये की योजना बनाने और विकास कार्य शुरू करने का भी निर्णय लिया है। यह योजना भी सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप लागू होगी। कैबिनेट की अन्य अहम मंज...
नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा LIVE दरभंगा को मिल रहा 138 करोड़ की योजनाओं का तोहफा
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नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा LIVE दरभंगा को मिल रहा 138 करोड़ की योजनाओं का तोहफा

दरभंगा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दूसरे चरण के तहत आज मिथिलांचल के केंद्र दरभंगा में मौजूद हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री जिले को 138 करोड़ रुपये से अधिक की 90 विकास योजनाओं की सौगात देंगे। यात्रा का उद्देश्य जिले में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेना और नई परियोजनाओं को गति देना है। मुख्यमंत्री 105 करोड़ की 50 योजनाओं का शिलान्यास और 33 करोड़ की 40 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। दिल्ली मोड़ स्थित हाई-टेक बस स्टैंड से लेकर निर्माणाधीन एयरपोर्ट टर्मिनल तक, मुख्यमंत्री स्वयं विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा की समीक्षा करेंगे। 11 प्रमुख योजनाओं का मॉडल प्रदर्शन दिल्ली मोड़ पर 88.78 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बस पड़ाव का मुख्यमंत्री निरीक्षण करेंगे। परिसर में 11 प्रमुख विकास योजनाओं के मॉडलों की प्रदर्शनी भी आयोजित है, जिनका अवलोकन कर नीतीश कुमार प्रगति यात...
बिहार: विधायक बनने के लिए जमीन बिकी, सतीश प्रसाद सिंह को उनके धैर्य ने बनाया पहला ओबीसी मुख्यमंत्री
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बिहार: विधायक बनने के लिए जमीन बिकी, सतीश प्रसाद सिंह को उनके धैर्य ने बनाया पहला ओबीसी मुख्यमंत्री

पटना: बिहार की राजनीति में 28 जनवरी 1968 ऐतिहासिक दिन बन गया। इस दिन सतीश प्रसाद सिंह बिहार के पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मुख्यमंत्री बने। हालांकि यह कार्यकाल केवल पाँच दिन का था, लेकिन उनके धैर्य और राजनीतिक कौशल ने उन्हें इतिहास में अमर कर दिया। सतीश प्रसाद सिंह का राजनीतिक सफरमुंगेर जिले के कुरचक्का गांव से आने वाले सतीश प्रसाद सिंह जमींदार परिवार से थे। राजनीति में उनकी रुचि पढ़ाई के दौरान ही जाग गई थी। उनका चुनावी सफर चुनौतियों भरा रहा। 1962: स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर पहला चुनाव हार गए। 1964: उपचुनाव में फिर हार, यहां तक कि चुनाव जीतने के लिए जमीन भी बिक गई। 1967: तीसरी बार संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े और पहली बार जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें बिहार की राजनीति में नई पहचान दिलाई और उनके संकल्प को साबित किया। 1967 का राजनीतिक उथल...
बिहार में 28 जनवरी की वो तारीख जब पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सामना किया अविश्वास प्रस्ताव
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बिहार में 28 जनवरी की वो तारीख जब पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सामना किया अविश्वास प्रस्ताव

पटना: बिहार की राजनीति में 28 जनवरी ऐतिहासिक तारीख के रूप में दर्ज है। 1968 में इसी दिन महामाया प्रसाद सिन्हा की गैर-कांग्रेसी सरकार अविश्वास प्रस्ताव के कारण गिर गई थी। प्रतिभा और देशभक्ति के धनी सिन्हा ने ICS की परीक्षा पास करने के बावजूद देश सेवा चुनी और गांधी जी के आंदोलन से जुड़कर जननायक बने। मुख्यमंत्री बनने का शानदार सफर1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से दूर। संसोपा ने 68 सीटें जीतकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। महामाया प्रसाद सिन्हा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में केबी सहाय को पटना पश्चिम से हराकर राजनीतिक तहलका मचा दिया। इसके बाद उन्हें राजा कामाख्या नारायण सिंह के जनक्रांति दल में शामिल होने का आमंत्रण मिला, और परिणामस्वरूप 13 निर्दलीय विधायक उनके साथ आए। महामाया प्रसाद सिन्हा को मुख्यमंत्री बनाकर बड़े जनादेश का सम्मान किया गया, जबकि कर्पूरी ठ...
‘नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं’, बिहार के कांग्रेस सांसद ने उठाया दलित भेदभाव का मुद्दा
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‘नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं’, बिहार के कांग्रेस सांसद ने उठाया दलित भेदभाव का मुद्दा

सासाराम/दिल्ली: बिहार के सासाराम से कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अधिकांश मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर रोक अभी भी जारी है और इसे जल्द ठीक करने की आवश्यकता है। दलित भेदभाव पर सवाल:मनोज कुमार ने कहा, "बीकेटीसी गैर-हिंदुओं के अधिकारों की बात कर रही है, लेकिन मैं दलित समाज से आता हूं। आज भी कई मंदिरों में दलितों का प्रवेश प्रतिबंधित है। अगर कोई दलित मंदिर में जाता है तो उसे धोया जाता है। हम हिंदू हैं, तो हमारे साथ यह भेदभाव क्यों?" उन्होंने स्पष्ट किया कि मुसलमान मस्जिद जाएंगे, ईसाई गिरजाघर, सिख गुरुद्वारा, लेकिन दलितों के साथ भेदभाव क्यों। 'नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी'सांसद ने कहा, "नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं, लेकिन व्यवहार में भेदभाव अभी भी जारी है। हम तो हिंदू हैं, तो हमारे साथ...
आज दरभंगा में नीतीश की ‘समृद्धि यात्रा’, 90 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, एयरपोर्ट का भी बदलेगा हुलिया
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आज दरभंगा में नीतीश की ‘समृद्धि यात्रा’, 90 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, एयरपोर्ट का भी बदलेगा हुलिया

दरभंगा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दूसरे चरण में आज दरभंगा पहुंचे हैं। इस अवसर पर वे जिले को 138 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री दरभंगा हवाई अड्डे के निर्माणाधीन टर्मिनल, अंतरराज्यीय बस पड़ाव और आमस-दरभंगा पथ जैसी प्रमुख परियोजनाओं का भी निरीक्षण करेंगे। 90 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यासनीतीश कुमार जिले में कुल 50 योजनाओं का शिलान्यास (105 करोड़ रुपये) और 40 योजनाओं का उद्घाटन (33 करोड़ रुपये) करेंगे। यह यात्रा जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा और नई परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से की जा रही है। अंतरराज्यीय बस पड़ाव का जायजामुख्यमंत्री दिल्ली मोड़ पर 88.78 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आधुनिक अंतरराज्यीय बस पड़ाव का निरीक्षण करेंगे। यह परियोजना दिसंबर 2027 तक पूरी होने की संभावना है। इसी दौरान वे प्रगति यात्रा ...
UGC विवाद: नीतीश की पार्टी का स्टैंड साफ, सवाल सुनते ही नित्यानंद राय ने लगाई जयकारे
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UGC विवाद: नीतीश की पार्टी का स्टैंड साफ, सवाल सुनते ही नित्यानंद राय ने लगाई जयकारे

पटना/हाजीपुर: UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए रेगुलेशन 2026 को लेकर बिहार सहित देशभर में सियासी हलचल मची हुई है। अपर जातियों की नाराजगी और विरोध के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU ने अपना रुख स्पष्ट किया है। जेडीयू का स्टैंड:पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "लोकतंत्र में किसी भी तबके की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है और न्यायपालिका का निर्णय सर्वोपरि होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 'न्याय के साथ विकास' का आदर्श हैं।" केंद्रीय शिक्षा मंत्री का भरोसा:केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया कि किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और नियमों का दुरुपयोग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि UGC नियम संविधान के दायरे में रहकर लागू होंगे और किसी को उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा। नित्यानंद राय का अनोखा रुख:हाजीपुर के कौनहारा घाट पर आ...